30 दिन जेल में, तो PM-CM की कुर्सी खत्म, गया जी से पीएम मोदी ने नए बिलों पर दिया जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के गया जी में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नए बिलों की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि अगर कोई साधारण सरकारी कर्मचारी गिरफ्तारी के कुछ घंटों के भीतर अपनी नौकरी खो देता है, तो फिर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसे बड़े पदों पर बैठे लोग जेल में रहते हुए सत्ता का आनंद क्यों लें?

मुख्यमंत्री और मंत्री में जेल से आदेश

पीएम मोदी ने कहा कि आज कोई भी कानून से ऊपर नहीं होना चाहिए. लेकिन हालात ऐसे हैं कि कुछ मुख्यमंत्री और मंत्री जेल में रहते हुए भी आदेश जारी करते हैं, फ़ाइलों पर दस्तखत करते हैं. अगर एक ड्राइवर या क्लर्क 50 घंटे जेल में रह जाए तो नौकरी चली जाती है, तो नेताओं पर यही नियम क्यों नहीं?

पूर्व सीएम केजरीवाल पर साधा निशाना
यह सीधा इशारा दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर था, जिन्हें मार्च 2024 में कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार किया गया था. तिहाड़ जेल में रहते हुए भी वे सीएम बने रहे और जेल से ही फाइलों पर दस्तखत करने के आरोप लगे. केजरीवाल ने सितंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद इस्तीफा दिया, लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के परवेश वर्मा से हार गए.

क्या हैं ये बिल?
संविधान (130वां संशोधन) विधेयक
केंद्रशासित प्रदेश (संशोधन) विधेयक
जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक
इनमें मुख्य प्रावधान है कि अगर कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री किसी ऐसे अपराध में 30 दिन तक लगातार न्यायिक हिरासत में रहता है, जिसकी सजा पांच साल या उससे ज्यादा है, और उसे जमानत नहीं मिलती तो वह अपने पद से अपने-आप हटा दिया जाएगा. गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में ये बिल पेश करते हुए कहा कि मामला संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजा जाएगा, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष मिलकर इस पर विचार करेंगे.

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