नई दिल्ली : कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने बताया कि गिग वर्कर्स द्वारा काम की सम्मान जनक परिस्थितियों की मांग के बीच कांग्रेस शासित राज्यों तेलंगाना और कर्नाटक ने गिग वर्कर्स के लिए प्रत्येक लेनदेन पर 1 से 5 फीसदी तक कल्याण शुल्क वसूलकर कल्याण कोष की स्थापना की है। साथ ही त्रिपक्षीय कल्याण बोर्ड का गठन, बिना वैध कारण और पूर्व सूचना के वर्करों को काम से न हटाने का नियम तथा सुरक्षित कार्य वातावरण और उचित अनुबंध सुनिश्चित किया है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि गिग वर्कर्स के आंदोलन के बीच मोदी सरकार बहुत देर से जागी है और उसका विजन कांग्रेस शासित राज्यों की पहल से काफी पीछे है। कांग्रेस सरकारों ने प्रत्येक लेनदेन पर 1 से 5 फीसदी तक कल्याण शुल्क वसूल कर गिग वर्कर्स के लिए कल्याण कोष बनाया गया है। इसके अलावा एक त्रिपक्षीय कल्याण बोर्ड की स्थापना की गई है ताकि वर्करों का पंजीकरण, शुल्क की वसूली, पारदर्शिता और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि किसी भी वर्कर को बिना वैध कारण और 14 दिन पूर्व सूचना के काम से नहीं हटाया जा सकता। गिग वर्कर्स की सुरक्षा कांग्रेस पार्टी के 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान घोषित 5-सूत्रीय ‘युवा न्याय’ एजेंडा का एक प्रमुख स्तंभ रही है।
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