नई दिल्ली : आदिवासी छात्रों के कल्याण के उद्देश्य से ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) ने सोमवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले आदिवासी छात्रों के लिए किया गया है।
इस के तहत ओएनजीसी अपनी कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी निधि से स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा।
सोमवार को डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। समझौता ज्ञापन पर एनएसटीएफडीसी की उप महाप्रबंधक बिस्मिता दास और ओएनजीसी के सीएसआर प्रमुख डॉ. देबासिस मुखर्जी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर जनजातीय मामलों के मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा, जनजातीय मामलों के मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनीष ठाकुर, जनजातीय मामलों के मंत्रालय के संयुक्त सचिव अनंत प्रकाश पांडे, एनएसटीएफडीसी के सीएमडी रूमुआन पैते, ओएनजीसी के मानव संसाधन निदेशक मनीष पाटिल और अन्य मंत्रालयों और ओएनजीसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस पहल के मुख्य उद्देश्यों में
डिजिटल शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाना, छात्रों को करियर मार्गदर्शन और मेंटरशिप देना, शिक्षकों का प्रशिक्षण, छात्राओं के लिए स्वास्थ्य और स्वच्छता सुविधाएं
(जैसे सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और इंसीनेरेटर) देना शामिल है। ओएऩजीसी ने इस परियोजना के लिए 28 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
यह योजना 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 144 एकलव्य मॉडल स्कूलों में लागू होगी।
इससे 35,000 से अधिक आदिवासी छात्रों को लाभ मिलेगा।
देशभर में इस समय 499 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय कार्यरत हैं।
इनका उद्देश्य आदिवासी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य देना है।
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