नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक प्राचीन संस्कृत श्लोक साझा किया, जिसमें मीठे और प्रिय बोलों के महत्व पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में श्लोक साझा करते हुए लिखा :
प्रियवाक्यप्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः।
तस्मात् तदेव वक्तव्यं वचने का दरिद्रता॥
इस श्लोक का अर्थ है: मीठे और प्रिय वचनों के देने से सभी प्राणी प्रसन्न हो जाते हैं।
यह श्लोक लोगों को सदैव सौम्य और प्रसन्नता देने वाली भाषा बोलने की प्रेरणा देता है। साथ ही यह संदेश भारतीय संस्कृति और संस्कृत की समृद्ध परंपरा को उजागर करता है, जहां वाणी को अमृत के समान माना जाता है।
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