नई दिल्ली : दक्षिण अफ्रीका के तटों पर आयोजित नौसैनिक अभ्यास में शामिल न होने की खबरों के बीच भारत ने कहा है कि यह कोई नियमित या संस्थागत ब्रिक्स गतिविधि नहीं है। यह अभ्यास पूरी तरह से दक्षिण अफ्रीका की पहल थी, जिसमें हिस्सा नहीं लिया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा कि भारत ने हाल ही में आयोजित ‘ब्रिक्स नौसैनिक अभ्यास’ में भाग नहीं लिया। यह अभ्यास पूरी तरह से दक्षिण अफ्रीका की पहल थी, जिसमें कुछ ब्रिक्स सदस्य देशों ने हिस्सा लिया। इसे नियमित या संस्थागत ब्रिक्स गतिविधि नहीं माना जा सकता और सभी सदस्य देशों ने इसमें भाग भी नहीं लिया।
जायसवाल ने कहा कि भारत ने पहले भी ऐसे अभ्यासों में भाग नहीं लिया है। भारत जिस नियमित अभ्यास का हिस्सा है, वह भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका समुद्री अभ्यास (आईबीएसएएमएआर) समुद्री अभ्यास है, जिसमें भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाएं शामिल होती हैं। इसका पिछला संस्करण अक्टूबर 2024 में आयोजित किया गया था।
उल्लेखनीय है कि ब्रिक्स देशों का एक सप्ताह लंबा संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 13 जनवरी से दक्षिण अफ्रीका के सायमन टाउन नौसैनिक अड्डे के पास शुरू हुआ, जिसमें चीन, रूस और दक्षिण अफ्रीका सहित अन्य देशों ने भाग लिया। दक्षिण अफ्रीका ने इसे वैश्विक स्तर पर बढ़ते समुद्री तनावों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया बताया है। इस अभ्यास का नेतृत्व चीन कर रहा है।
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