वित्त मंत्रालय के नौकरशाहों की अनुभवी टीम बना रही केंद्रीय बजट, तैयारियां अंतिम चरण में

नई दिल्‍ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को लोकसभा में अपना लगातार नौवां बजट पेश करने की तैयारी कर रही हैं। इस काम में वित्त मंत्रालय के नौकरशाहों की एक अनुभवी टीम उनकी सहायता कर रही है। वित्त मंत्रालय के छह विभागों के सचिव और मुख्य आर्थिक सलाहकार इस बजट निर्माण प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा रहे रहे हैं। मोदी 3.0 सरकार के इस तीसरे पूर्ण बजट की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

 

यह बजट ऐसे समय में आ रहा है, जब भारतीय अर्थव्यवस्था 7.4 फीसदी की विकास दर दर्ज कर रही है, लेकिन साथ ही वैश्विक भू-राजनीतिक वातावरण अनिश्चित बना हुआ है। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा पूर्ण बजट होगा। केंद्रीय बजट तैयार करने में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी अहम भूमिका है। इसके साथ ही वित्त मंत्रालय में अनुभवी नौकरशाहों की एक टीम भी वित्त मंत्री को इस अहम वित्तीय दस्तावेज को अंतिम रूप देने में सहायता कर रही है। वित्त मंत्री की ये टीम राजकोषीय अनुशासन, राजस्व जुटाने और आर्थिक सुधारों के बीच संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 

1. अनुराधा ठाकुर, आर्थिक मामलों की सचिव :- ठाकुर केंद्रीय बजट की मुख्य वास्तुकार हैं। विभाग के प्रमुख के रूप में वह संसाधनों के आवंटन और 2026-27 के लिए व्यापक आर्थिक ढांचे को तय करने वाली प्रमुख अधिकारी हैं। वह बजट प्रभाग का नेतृत्व करती हैं, जो बजट दस्तावेजों को तैयार करने के लिए जिम्मेदार है। हिमाचल प्रदेश कैडर की 1994 बैच की आईएएस अधिकारी ठाकुर का यह पहला बजट होगा, क्योंकि उन्होंने एक जुलाई, 2025 को इस विभाग की कमान संभाली थी। वह इस विभाग का नेतृत्व करने वाली पहली महिला आईएएस अधिकारी हैं।

 

2. अरविंद श्रीवास्तव, राजस्व सचिव:-श्रीवास्तव कर प्रस्तावों (बजट भाषण का भाग-बी) के लिए जिम्मेदार हैं। उनकी टीम आयकर, कॉर्पोरेट कर (प्रत्यक्ष कर) और जीएसटी, सीमा शुल्क (अप्रत्यक्ष कर) का प्रबंधन करती है। हालांकि, राजस्व सचिव के रूप में यह उनका पहला बजट होगा, लेकिन अरविंद श्रीवास्तव वित्त मंत्रालय में अपने पिछले कार्यकाल में बजट प्रभाग के संयुक्त सचिव रह चुके हैं। इसके बाद, वह प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) चले गए थे, जहां उन्होंने अन्य मामलों के साथ वित्त मंत्रालय से जुड़े कार्यों को देखा। सीमा शुल्क और टीडीएस युक्तिकरण की उम्मीदों के बीच, राजस्व जुटाने में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।

 

3. वुमलुनमंग वुअलनाम, व्यय सचिव :- वह ‘खजाने के संरक्षक’ के रूप में सरकारी खर्च, सब्सिडी को तर्कसंगत बनाने और केंद्रीय योजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करते हैं। उनका विभाग राजकोषीय घाटे को प्रबंधित करने के लिए राजकोषीय अनुशासन लागू करता है और अगले वित्त वर्ष के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है।

 

4. एम नागराजू, वित्तीय सेवा सचिव :-वित्तीय सेवा विभाग सरकार की वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को चलाने में शामिल है। उनका विभाग सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों और पेंशन प्रणालियों की वित्तीय सेहत की निगरानी करता है। यह विभाग ऋण वृद्धि, डिजिटलीकरण और सामाजिक सुरक्षा पहल सहित सरकार के आर्थिक एजेंडे को आगे बढ़ाने में सहायक है।

 

5. अरुणिष चावला, निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) सचिव:-सरकार के विनिवेश और निजीकरण के मसौदे के लिए जिम्मेदार। वह केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) में हिस्सेदारी बेचकर प्राप्त होने वाले गैर-कर राजस्व लक्ष्यों का प्रबंधन करते हैं।

 

6. के मोसेस चालई, सार्वजनिक उद्यम विभाग सचिव :-इस विभाग के प्रमुख के रूप में वह चुनिंदा सार्वजनिक उपक्रमों की पूंजीगत व्यय योजनाओं और बजटीय आवंटन का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार हैं। उनका विभाग परिसंपत्ति मौद्रिकरण और सरकारी कंपनियों के समग्र वित्तीय स्वास्थ्य की निगरानी में भी भूमिका निभाता है। वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले इन छह विभागों के अलावा मुख्य आर्थिक सलाहकार का कार्यालय भी बजट में महत्वपूर्ण सुझाव देता है।

 

7. वी अनंत नागेश्वरन, मुख्य आर्थिक सलाहकार :-उनका कार्यालय महत्वपूर्ण इनपुट प्रदान करता है, जो बजट के लिए समग्र व्यापक आर्थिक संदर्भ को परिभाषित करता है। इसमें आर्थिक विकास का पूर्वानुमान लगाना, विभिन्न क्षेत्रों (कृषि, उद्योग, सेवा) के प्रदर्शन का विश्लेषण करना और वैश्विक जोखिमों का आकलन करना शामिल है। इसके अलावा, उनका कार्यालय प्रमुख आर्थिक सुधारों, राजकोषीय नीति और वित्तीय रणनीति पर वित्त मंत्री को सलाह भी देता है।

 

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