नई दिल्ली : राज्यसभा में गुरुवार को शून्यकाल के दौरान सोने व चांदी की कीमतों में उछाल, विज्ञापनों में बढ़ती अश्लीलता और महंगाई से जुड़े मुद्दे उठाए गए और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग उठी।
कांग्रेस सांसद नीरज डांगी ने सोने-चांदी की कीमतों में उछाल को लेकर चिंता जताते हुए सरकार से इस ओर कदम उठाने की मांग की।उन्होंने कहा कि देश में सोने एवं चांदी की बेकाबू कीमतों ने ग्रामीण भारत विशेषकर महिलाओं और विवाह वाले परिवारों को परेशानी में डाल दिया है। पिछले 13 महीनों यानी दिसंबर 2024 से जनवरी 2026 के बीच भारत में चांदी की कीमतों में करीब 306 प्रतिशत और सोने की कीमतों में 111 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भारत में सोना-चांदी नारी की सुरक्षा, आत्मसम्मान और पारिवारिक भविष्य से जुड़ा है और ऐसे देश में इनकी कीमतों में बढ़ोतरी पर लगाम लगाने की दिशा में सरकार को कदम उठाना चाहिए।
वहीं, राज्य सभा सदस्य के लक्ष्मण ने क्रिकेट मैच के दौरान टीवी पर दिखाए जाने वाले तंबाकू औऱ गुटखा के विज्ञापनों पर चिंता जताते हुए सरकार का ध्यान खींचा। उन्होंने कहा कि क्रिकेट अब खेल ही नहीं एक भावना है। लोग मैच परिवार के साथ देखते हैं। ऐसे में इन मैचों के दौरान गुटखा, तंबाकू के विज्ञापनों के आने से परिवार के सदस्यों खासकर बच्चों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। खास बात यह है कि तंबाकू गुटखा के विज्ञापनों में क्रिकेटर भी अभिनय करते दिखाई देते हैं। यह समाज, बच्चों के लिए ठीक संदेश नहीं देता। उन्होंने इन विज्ञापनों को नियंत्रित करने और सेलिब्रिटीज़ व खिलाड़ियों को ऐसे उत्पादों का प्रचार करने से हतोत्साहित करने की मांग की।
सीपीआई (एम) के सांसद डॉ. जॉन ब्रिटास ने भारतीय विमानन उद्योग में शोषणकारी मूल्य निर्धारण, सुरक्षा की कमी और एकाधिकार के मुद्दों को उठाया।
उन्होंने कहा कि महामारी के बाद से हवाई किरायों में 120 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा,
“दो एयरलाइंस के पास उद्योग के 90 प्रतिशत शेयर हैं।” जबकि बाकी देशों में यह प्रतिशत सिर्फ 25 प्रतिशत है।
उन्होंने विमानन क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई।
वहीं, भाजपा सांसद डॉ. अजीत माधवराव गोपछड़े ने ब्लैक प्लास्टिक और नॉन-स्टिक बर्तनों व घरेलू सामान पर सख्त नियंत्रण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि इन सामग्रियों से निकलने वाले माइक्रोप्लास्टिक मानव स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डालते हैं।
राज्यसभा में केरल से सांसद संदोष कुमार पी. ने केरल में रबर बागानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ट्रंप की टैरिफ नीतियों का इस उद्योग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने 1000 करोड़ रुपये के रबर मूल्य स्थिरीकरण कोष की मांग की और रबर फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का आग्रह किया।
उत्तराखंड से सांसद डॉ. कल्पना सैनी ने अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, ताकि अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके।
वाईएसआरसीपी, आंध्र प्रदेश से सांसद गोल्ला बाबूराव ने किराना स्टोर्स के संरक्षण की मांग की। उन्होंने कहा कि होम डिलीवरी आधारित ग्रोसरी सेवाओं के बढ़ते चलन के कारण किराना दुकानों की बिक्री में लगातार गिरावट आ रही है।
भाजपा सांसद नरेश बंसल ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने का मुद्दा उठाया। नरेश बंसल ने कहा कि उत्तराखंड के गांवों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां प्राचीन मंदिर हैं, पहाड़ हैं, नदियां-झरने हैं। प्राकृतिक सुंदरता के साथ इस क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। पर्यटन मंत्रालय को ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में ध्यान देना चाहिए ताकि यहां के स्थानीय लोगों को ज्यादा से ज्याद लाभ मिल सकें।
केरल से भाजपा सांसद एस सेल्वागनपथी ने कुत्तों के आंतक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि शहर में कुत्तों का आंतक बढ़ता जा रहा है। अब तक कई लोग कुत्तों के शिकार बन चुके हैं। कुत्तों के काटने के मामले बढ़ते जा रहे हैं लेकिन राज्य सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है और न ही कोई पु्ख्ता योजना बनाई है।
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