राष्ट्रपति अभिभाषण पर आज पीएम मोदी की बारी, हंगामे के बाद अहम होगी लोकसभा कार्यवाही

New Delhi : संसद के बजट सत्र का आज छठा दिन है। 28 जनवरी से शुरू हुए इस सत्र में बीते दो दिनों से लोकसभा की कार्यवाही हंगामे की वजह से प्रभावित रही है। ऐसे में आज की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देंगे।

 

लोकसभा में आज अहम दिन

 

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा पिछले कुछ दिनों से जारी है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री आज सरकार का पक्ष रखते हुए विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों का जवाब देंगे। आमतौर पर इस जवाब को सरकार की प्राथमिकताओं और नीति दिशा के संकेत के रूप में देखा जाता है।

 

हालांकि, मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा।

 

राहुल गांधी के बयान पर विवाद

 

मंगलवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक मैगजीन का हवाला देते हुए एक अप्रकाशित पुस्तक के अंशों को उद्धृत करने की अनुमति मांगी। इस पर सत्तापक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। सत्ता पक्ष का कहना था कि सदन में अप्रमाणित और अप्रकाशित सामग्री का हवाला देना संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है।

 

विपक्ष ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों, खासकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवालों पर चर्चा से बच रही है। हंगामे के बीच राहुल गांधी ने मीडिया से कहा कि “विपक्ष के नेता को संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है।”

 

आठ सांसद निलंबित

 

हंगामे के दौरान कुछ सांसदों के वेल में आकर स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज उछालने की घटना भी हुई। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने कार्रवाई की घोषणा की।

 

दोपहर करीब 3:03 बजे सात कांग्रेस और एक सीपीएम सांसद को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने प्रस्ताव रखा कि सदन की मर्यादा भंग करने वाले इन सांसदों को नियमों के तहत निलंबित किया जाए, जिसे पीठ ने स्वीकृति दी।

 

राज्यसभा में चर्चा जारी

 

दूसरी ओर राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी रही। उच्च सदन में कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी सूचीबद्ध हैं। सरकार की कोशिश है कि हंगामे के बावजूद विधायी कामकाज सुचारु रूप से आगे बढ़े।

 

आज क्या रह सकता है खास

 

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री का आज का जवाब सत्र की दिशा तय कर सकता है। विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों आर्थिक स्थिति, सुरक्षा, महंगाई और संघीय ढांचे पर सरकार का रुख स्पष्ट होने की उम्मीद है।

 

बीते दिनों के टकराव के बाद अब देखना होगा कि आज सदन में चर्चा शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ती है या एक बार फिर राजनीतिक गर्मी कार्यवाही पर भारी पड़ती है।

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