नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए जीवन में हास्य के महत्व को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने पोस्ट किया , “औषधेष्वपि सर्वेषु हास्यं श्रेष्ठं वदन्ति ह। स्वाधीनं सुलभं चैवारोग्यानन्दविवर्धनम्॥” इसका अर्थ है कि सभी औषधियों में निश्चय ही हंसना श्रेष्ठ औषधि है क्योंकि यह आसानी से बिना मूल्य के उपलब्ध हो जाती हैं तथा स्वास्थ्य और आनंद की वृद्धि करती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस सुभाषित के माध्यम से बताया कि सभी औषधियों में हास्य को श्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि यह सहज रूप से उपलब्ध है और स्वास्थ्य व आनंद दोनों को बढ़ाने वाला है। प्रधानमंत्री ने इस संदेश को सकारात्मक सोच, मानसिक स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन से जोड़कर देखा है।
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