जैसलमेर : भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार सुबह जैसलमेर एयर फोर्स स्टेशन से स्वदेशी हेलीकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया। हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की जरूरत को देखते हुए वायु सेना में शामिल किये गए एलसीएच ‘प्रचंड’ से पाकिस्तान और चीन के खिलाफ भारतीय वायु सेना और मजबूत हुई है। इससे पहले राष्ट्रपति लड़ाकू विमान राफेल और सुखोई में उड़ान भर चुकी हैं।
मल्टी रोल वाले हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ की जोधपुर में पहली ‘धनुष’ स्क्वाड्रन बनाई गई है। भारतीय सेनाओं की भविष्य की जरूरतों के हिसाब से विशेष तौर पर तैयार किये गए यह हेलीकॉप्टर दुर्गम स्थानों और सघन पर्वतीय क्षेत्रों में भी कारगर हैं। इसे कई तरह के बड़े बम, बंदूकों और मिसाइलों से लैस किया जा सकता है। हवा में उड़ान भरते वक्त और दुश्मन को चकमा देते वक्त भी अपाचे हेलीकॉप्टर पहाड़ियों और घाटियों में छिपे दुश्मन पर सटीक निशाना लगा सकता है। अचूक निशाने की वजह से हेलीकॉप्टर के गोला-बारूद बर्बाद नहीं होते हैं। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में निर्मित प्रचंड पूरी तरह भारत में बनाया गया लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) है। इसे खासतौर पर ऊंचे पहाड़ों लद्दाख, सियाचिन जैसे इलाकों के लिए डिजाइन किया गया है।
राष्ट्रपति मुर्मु शुक्रवार को राजस्थान के जैसलमेर जिले में पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायु सेना के शक्तिशाली फायरपावर ‘वायु शक्ति’ अभ्यास देखने के लिए आईं थीं। इसी दौरान उन्होंने स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर में उड़ान भरी। यह पहली बार है जब किसी राष्ट्रपति ने एलसीएच ‘प्रचंड’ में उड़ान भरी है। उन्होंने उड़ान के दौरान ‘वायु शक्ति’ अभ्यास क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण भी किया। शाम को राष्ट्रपति पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायु सेना के सबसे बड़े फायरपावर प्रदर्शन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं।
मुर्मु ने 29 अक्टूबर 2025 को अंबाला (हरियाणा) स्थित वायु सेना स्टेशन से राफेल विमान में उड़ान भरी थी। उन्होंने लगभग 30 मिनट की उड़ान में लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय की, उसके बाद वे वायु सेना स्टेशन लौट आईं। विमान को 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने उड़ाया। विमान ने समुद्र तल से लगभग 15000 फीट की ऊंचाई पर और लगभग 700 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उड़ान भरी। इससे पहले उन्होंने 2023 में सुखोई 30 एमकेआई में उड़ान भरी थी। वायु सेना के दो लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली वह भारत की पहली राष्ट्रपति हैं।
———–
Shaurya Times | शौर्य टाइम्स Latest Hindi News Portal