दिल्ली शराब नीति मामले में के. कविता बरी, बोलीं-‘सत्यमेव जयते’, सच की हुई जीत

हैदराबाद : तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष और पूर्व सांसद के. कविता ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। उन्होंने यह बयान उस समय दिया, जब दिल्ली की एक अदालत ने कथित दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में उन्हें बरी कर दिया।

 

आबकारी नीति से जुड़े इस बहुचर्चित मामले में तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की पुत्री के रूप में आरोपों का सामना कर रहीं कविता को अदालत से राहत मिलने के बाद उन्होंने फैसले का स्वागत करते हुए ‘सत्यमेव जयते’ कहा।

 

मीडिया से बातचीत में कविता ने दावा किया कि पूरा मामला राजनीतिक प्रतिशोध के तहत उन्हें फंसाने की साजिश था। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही उन्होंने तेलंगाना की जनता से भरोसा जताया था कि सच की जीत होगी और वह बेदाग साबित होंगी।

 

कविता ने कहा, “मैं लगातार कहती रही हूं कि मैं धुले हुए मोती की तरह बाहर निकलूंगी और आज सच सामने आ गया है। इस मामले के कारण मुझे और मेरे परिवार को कई महीनों तक मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी।”

 

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया और अदालत के फैसले से पहले ही उनके खिलाफ गलत धारणाएं बनाई गईं।

 

अदालत का फैसला आने के बाद कविता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी ‘सत्यमेव जयते’ लिखकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कठिन समय में साथ देने वाले समर्थकों और शुभचिंतकों का आभार जताते हुए कहा कि अब वह पहले से अधिक ऊर्जा के साथ जनता की सेवा करेंगी।

 

उल्लेखनीय है कि दिल्ली शराब नीति मामले में अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कुल 23 आरोपियों को बरी किया है, जिनमें के. कविता भी शामिल हैं।

 

इस मामले में के. कविता को 15 मार्च 2024 को हैदराबाद स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था और उन्हें करीब पांच महीने यानी 165 दिनों तक जेल में रहना पड़ा। वह इस प्रकरण में जेल जाने वाली एकमात्र महिला आरोपित थीं।

 

पूर्व में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) से जुड़ी रहीं कें. कविता को यह राहत ऐसे समय मिली है, जब वह तेलंगाना जागृति के माध्यम से राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।—————

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