नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के युवाओं की क्षमता और आत्मविश्वास की शक्ति को रेखांकित करते हुए एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा किया है। उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति जब कुछ ठान लेती है, तो उसे पूरा करके ही दम लेती है।
प्रधानमंत्री ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि भारतवर्ष की युवाशक्ति का दृढ़ संकल्प अतुलनीय है। हमारे युवा साथी जो ठान लेते हैं, वो करके दिखाते हैं। यही वजह है कि आज हमारा देश अपने सपनों को साकार कर रहा है। उन्होंने अपने संदेश में संस्कृत श्लोक भी साझा किया- ”न वा उ मां वृजने वारयन्ते न पर्वतासो यदहं मनस्ये। मम स्वनात् कृधुकर्णो भयात एवेदनु द्यून्किरणः समेजात्।।”
इसका अर्थ है कि आत्मविश्वास की शक्ति गहन होती है और इसे कोई भी कुचल नहीं सकता। बड़े पहाड़ के आकार की बड़ी बाधाएं भी आपके मार्ग में बाधा नहीं डाल सकतीं। आप सूर्य से भी अधिक शक्तिशाली हैं बशर्तें आपके पास इच्छा शक्ति हो।
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