युवा खिलाड़ियों पर भरोसा, एफआईएच हॉकी विश्व कप जीतना लक्ष्य : बलजीत कौर

हैदराबाद : एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 क्वालीफायर्स से पहले भारतीय महिला हॉकी टीम की मिडफील्डर बलजीत कौर ने टीम के युवा और तेज़ खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए कहा है कि मौजूदा संयोजन भारत को विश्व कप का टिकट दिलाने में सक्षम है।

 

24 वर्षीय बलजीत कौर ने हॉकी इंडिया के हवाले से कहा, “हमारा लक्ष्य जीत हासिल कर विश्व कप के लिए क्वालीफाई करना है। हम अच्छा प्रदर्शन कर देश के लिए पदक जीतना चाहते हैं।”

 

उन्होंने टीम के संतुलन की सराहना करते हुए कहा, “टीम में कई युवा और तेज़ खिलाड़ी हैं। यह बहुत अच्छा संयोजन है। टीम के भीतर तालमेल अच्छा है और फिटनेस स्तर भी काफी ऊंचा है।”

 

बलजीत ने टूर्नामेंट से पहले लगे प्रशिक्षण शिविर को सफल बताया। उन्होंने कहा, “कैंप बहुत अच्छा रहा। हमने शूटिंग सहित कई पहलुओं पर काम किया और हर क्षेत्र में सकारात्मक प्रगति हुई।”

 

उन्होंने अपनी व्यक्तिगत तैयारी पर भी प्रकाश डालते हुए कहा, “कैंप में आने से पहले मेरा मुख्य फोकस अपनी फिटनेस सुधारने पर था और मैंने इस पर काफी मेहनत की।”

 

पंजाब के काका कंडियाला गांव से ताल्लुक रखने वाली बलजीत ने सातवीं कक्षा में हॉकी खेलना शुरू किया था। उन्होंने बताया, “मैंने 2012 में हॉकी खेलना शुरू किया। मेरी चाचा की बेटी हॉकी खेलती थी। मैं रोज़ पूछती थी कि वह सुबह-सुबह कहां जाती है। जब उसने बताया कि वह अभ्यास के लिए मैदान जा रही है, तो मेरी जिज्ञासा बढ़ी और मैंने भी खेलना शुरू कर दिया।”

 

बेहतर अवसरों के लिए बलजीत तरनतारन के एक स्कूल में चली गईं, जहां उन्हें प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा के ज्यादा मौके मिले। उनके प्रदर्शन के दम पर 2017 में उन्हें जूनियर राष्ट्रीय शिविर के लिए बुलावा मिला।

 

साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली बलजीत के लिए शुरुआती दौर आसान नहीं था। उन्होंने कहा, “हमारे परिवार के लिए हॉकी का सामान खरीदना आसान नहीं था। गांव और आसपास के लोगों ने हमें स्टिक और जूते देकर मदद की। मैं और मेरे भाई-बहन उनके सहयोग के लिए आभारी हैं।”

 

बलजीत ने 2022 में सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाई, लेकिन इसके बाद का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा। उन्होंने कहा, “2022 के बाद कभी मैं टीम में रही, कभी बाहर रही। मेरा लक्ष्य लगातार सुधार करना और भारत के लिए खेलते रहना है।”

 

मिडफील्ड में अपनी आक्रामकता और रफ्तार के लिए जानी जाने वाली बलजीत ने कहा, “मैं खुद को आक्रामक और तेज़ खिलाड़ी मानती हूं। यह आक्रामकता मेरे अंदर से आती है। जब मैं किसी को अच्छा प्रदर्शन करते देखती हूं तो सोचती हूं कि अगर वह कर सकता है, तो मैं भी कर सकती हूं।”

 

शुरुआत में गांव के कुछ लोगों ने पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी, लेकिन परिवार ने उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, “लोग कहते थे कि खेल छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान दो, लेकिन मेरे परिवार ने मेरा समर्थन किया और आज भी कर रहा है। यह समर्थन मेरे लिए बहुत मायने रखता है।”

 

भारत का कार्यक्रम

 

भारतीय महिला हॉकी टीम अपने अभियान की शुरुआत 8 मार्च को उरुग्वे के खिलाफ करेगी। इसके बाद 9 मार्च को स्कॉटलैंड और 11 मार्च को वेल्स से मुकाबला होगा।

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