नई दिल्ली : पश्चिम एशिया के हालात पर विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान के दौरान राज्यसभा में विपक्ष के बहिर्गमन को नेता सदन जेपी नड्डा ने गैरजिम्मेदाराना बताया है। नड्डा ने कहा कि मंत्री के बयान के दौरान विपक्ष ने सदन की कार्यवाही में व्यवधान डाला, जो निंदनीय और गैरजिम्मेदाराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य रचनात्मक चर्चा में भाग लेना नहीं बल्कि सदन में “अराजकता और हंगामा” पैदा करना था।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकाअर्जुन खरगे के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के संभावित प्रभाव पर अल्पकालिक चर्चा की मांग की थी।
जब यह मांग तुरंत स्वीकार नहीं की गई और विदेश मंत्री ने अपना बयान देना शुरू किया तो विपक्षी सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया और बाद में सदन से बहिर्गमन किया।
नड्डा ने कहा कि विपक्ष अक्सर महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श में भाग लेने के बजाय व्यवधान और बहिर्गमन का सहारा लेता है।
पूर्व की घटनाओं का उल्लेख
करते हुए नड्डा ने कहा कि इससे पहले भी विपक्ष ने कई मुद्दों पर चर्चा के दौरान सदन से बहिर्गमन किया था, जिनमें दिसंबर 2025 में चुनावी सुधारों पर चर्चा, अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़े मुद्दे, ऑपरेशन सिंदूर, पहलगाम आतंकी हमला, वक्फ विधेयक शामिल है। इस प्रकार का व्यवहार संसदीय लोकतंत्र की भावना को कमजोर करता है। विपक्ष की रुचि अपनी ओछी राजनीति को आगे बढ़ाना है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ये कभी भी संभव नहीं होगा। ये विपक्ष में बैठकर और कम होते चले जाएंगे और समाप्त हो जाएंगे।
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