New Delhi : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग द्वारा राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और कोलकाता पुलिस कमिश्नर का तबादला किए जाने पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद सौगत रॉय, सागरिका घोष और कीर्ति आजाद ने इसे चुनाव आयोग की शक्तियों का दुरुपयोग बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा, जबकि केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे आयोग का संवैधानिक अधिकार करार दिया।
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम बंगाल के खिलाफ है और इससे चुनाव कराना और भी मुश्किल हो जाएगा। चुनाव दो चरणों में हो रहा है, यह अच्छी बात है।
टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने आधी रात को बंगाल के मुख्य सचिव और गृह सचिव का तबादला कर चुनी हुई सरकार को कमजोर करने की कोशिश की है। यह कदम लोकतांत्रिक अधिकारों को नुकसान पहुंचाने वाला है और हमारे संसद सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने इस मुद्दे को सदन में उठाया और इसी विरोध में टीएमसी सदस्यों ने संसद से वॉकआउट किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया के जरिए राज्य के 50 लाख लोगों को मतदाता सूची से बाहर रखा है, जिससे उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं मिल रहा। बंगाल के लोग चुनाव में भाजपा को जवाब देंगे। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी राज्य में एकतरफा जीतेगी।
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि चुनाव आयोग ने यह कदम भाजपा को खुश करने के लिए उठाया है। इससे पहले भी राज्य में कई चरणों में चुनाव कराए जा चुके हैं। इस बार दो चरणों में करा रहे हैं। यह लोग कितना भी प्रयास कर लें। कुछ बदलेगा नहीं। केंद्र सरकार चाहे जितना प्रयास कर ले, ममता को बंगाल के लोगों के दिल से नहीं निकाल पाएगी।
वहीं केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि किसी अधिकारी को हटाना या रखना चुनाव आयोग का अधिकार है। टीएमसी ऐसे आरोप लगाकर संवैधानिक संस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। बंगाल में जनता टीएमसी को जवाब देगी और इस बार तृणमूल कांग्रेस की खैर नहीं है। अब तक टीएमसी गुंडों के सहारे राज करती रही है लेकिन इस बार जनता उन्हें सबक सिखाएगी।
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