होमुर्ज से भारतीय जहाज सुरक्षित निकालने के लिए ईरान ने रखी थी ये शर्त, क्या भारत ने मानी?

US-Israel-Iran War : ईरान ने हॉमुर्ज से भारतीय जहाजों के गुजरने को लेकर संकेत दिए हैं. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि ईरान का इरादा दुनिया की तेल सप्लाई को बाधित करने का नहीं है, हालांकि युद्ध में शामिल देशों के जहाजों को इस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि एक भारतीय जहाज को हाल ही में इस रूट से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई और वह भारत पहुंच चुका है।

 

ईरानी दूतावास ने स्पष्ट किया है कि रॉयटर्स की रिपोर्ट पूरी तरह से झूठी और फेक है। ईरान का कहना है कि तीन टैंकर छोड़ने का कोई सौदा नहीं हुआ है और होर्मुज से जहाजों के लिए कोई विशेष शर्त या कंडीशन नहीं लगाई गई है। दूतावास ने रॉयटर्स की खबर को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई डील या शर्त नहीं है और यह रिपोर्ट गलत है।

 

रॉयटर्स ने क्या दावा किया था?

16 मार्च 2026 को रॉयटर्स ने अपने सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि ईरान ने भारत से जब्त किए गए तीन तेल टैंकर, अस्फाल्ट स्टार, अल जाफजिया और स्टेलर रूबी, को छोड़ने की मांग की है। बदले में, ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकालने का वादा किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि ईरान ने इन टैंकरों के बदले में कुछ दवाइयां और मेडिकल उपकरण भी मांगे हैं। इन टैंकरों को फरवरी में मुंबई के पास भारतीय कोस्ट गार्ड ने पकड़ा था। आरोप था कि ये जहाज अपनी पहचान छुपा रहे थे, AIS सिस्टम बदल रहे थे और समुद्र में गैरकानूनी तरीके से तेल ट्रांसफर कर रहे थे। इनमें से एक पर ईरान का झंडा था, जबकि अन्य निकारागुआ और माली के झंडे वाले थे।

 

भारत सरकार ने भी इस रिपोर्ट का सख्त इंकार किया है। विदेश मंत्रालय या आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि ऐसी कोई शर्त या डील नहीं हुई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है और डिप्लोमेसी से कुछ रिजल्ट मिल रहे हैं, लेकिन कोई भी पूर्ण और बंधी हुई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाजों को सुरक्षित तरीके से एक-एक कर निकाला जा रहा है।

 

होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति

 

पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव के मद्देनजर, होर्मुज स्ट्रेट में खतरा अभी भी बना हुआ है। भारत के कई जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं या गुजरने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में दो भारतीय LPG टैंकर होर्मुज से सुरक्षित निकले और मुंद्रा पोर्ट पहुंचे। ईरानी राजदूत मोहम्मद फतहाली ने पहले कहा था कि भारत उनका मित्र देश है, इसलिए रास्ता दिया जाएगा। लेकिन बाद में ईरानी सूत्रों ने कुछ दावों को खारिज कर दिया है।

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