IRAN ISRAEK WAR : मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है, जहां अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग तेज होती जा रही है। इस सप्ताह हुई कई बड़ी घटनाओं ने क्षेत्र में अशांति को और गहरा कर दिया है। ईरान को भारी झटका देते हुए, उसके शीर्ष सैन्य और खुफिया अधिकारियों पर हुए हमले अब सार्वजनिक रूप से सामने आ चुके हैं।
ईरान पर हमले और उसके प्रमुख अधिकारियों का निधन
गुरुवार को इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने घोषणा की कि उन्होंने ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब को मार गिराया है। IDF ने कहा कि खतीब ने महसा अमीनी विरोध प्रदर्शनों (2022-2023) के दौरान ईरानी नागरिकों के खिलाफ काम किया था। खतीब ने प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और हत्या जैसे अहम कदम उठाए थे और ईरान में आतंकवादी गतिविधियों का नेतृत्व किया था।
इसके अलावा, ईरान के खुफिया मंत्रालय के प्रमुख खुफिया अधिकारी अली लारीजानी और बासिज अर्धसैनिक बल के प्रमुख गुलामरेजा सुलेमानी भी मंगलवार को इजरायली हवाई हमलों में मारे गए थे। इन घटनाओं ने ईरान के नेतृत्व और उसके सैन्य ढांचे को हिला कर रख दिया है।
IRGC के प्रमुख स्पोक्सपर्सन की मौत
इसी क्रम में, ईरान को बड़ा झटका देते हुए, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रमुख स्पोक्सपर्सन ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी की भी मौत हो गई है। सरकारी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ ने शुक्रवार को नैनी के मारे जाने की पुष्टि की है। यह घटना क्षेत्र में तनाव को और बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
ईरान का मजबूत राजनीतिक ढांचा
इन घटनाओं के बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि देश का राजनीतिक ढांचा बहुत मजबूत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन हमलों और अधिकारियों की मौत का ईरान के राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक ढांचे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अराघची ने अपने बयान में कहा, “मुझे नहीं पता कि अमेरिकी और इजरायली लोग अब तक यह बात क्यों नहीं समझ पाए हैं—इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का एक मजबूत राजनीतिक ढांचा है।”
उन्होंने यह भी जोर देते हुए कहा कि, “किसी एक व्यक्ति की मौजूदगी या गैर-मौजूदगी से इस ढांचे पर कोई असर नहीं पड़ता।” उन्होंने यह भी कहा कि हर कोई अपनी भूमिका निभाता है, लेकिन ईरान का प्रणाली बहुत मजबूत है और इसके स्थिर रहने की क्षमता मजबूत है।
क्षेत्रीय तनाव का निरंतर बढ़ना
इस सप्ताह की शुरुआत में, मंगलवार को भी इजरायली हवाई हमलों में ईरानी सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और बासिज अर्धसैनिक बल के प्रमुख गुलामरेजा सुलेमानी मारे गए थे। इन घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
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