नई दिल्ली : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव (US-Iran War) ने खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीयों की चिंता बढ़ा दी है। इस संकट के बीच भारत सरकार ने एक बड़ा अपडेट जारी किया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रही उथल-पुथल के दौरान अलग-अलग घटनाओं में 6 भारतीय नागरिकों की जान चली गई है, जबकि एक नागरिक अब भी लापता है। सरकार इन सभी के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की कोशिशों में जुटी है।
3 लाख भारतीयों की हुई सुरक्षित घर वापसी
इंटर-मिनिस्ट्रियल ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी (खाड़ी) असीम आर महाजन ने बताया कि संकटग्रस्त क्षेत्रों से भारतीयों को निकालने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
28 फरवरी 2026 से अब तक: लगभग 3 लाख भारतीय सुरक्षित रूप से भारत लौट चुके हैं।
स्थिति में सुधार: फ्लाइट्स का संचालन धीरे-धीरे सामान्य होने से घर वापसी की प्रक्रिया में तेजी आई है।
कुवैत एयरस्पेस अब भी बंद, दूतावास सक्रिय
कुवैत में फंसे भारतीयों के लिए स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है क्योंकि वहां का एयरस्पेस (Airspace) फिलहाल बंद है। हालांकि, सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वैकल्पिक रास्तों और स्थानीय अधिकारियों के समन्वय से वहां फंसे नागरिकों को निकालने की योजना तैयार है।
सऊदी अरब, ओमान, इराक और UAE: इन देशों में स्थित भारतीय दूतावास वहां के स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लापता भारतीय की तलाश कर रहे हैं।
पार्थिव शरीर लाने की तैयारी: सरकार की प्राथमिकता उन 6 भारतीयों के शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाना है जिनकी इस तनावपूर्ण माहौल के दौरान मृत्यु हुई है।
सरकार की पैनी नजर: ‘इवाकुएशन’ के लिए टीमें तैयार
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी देशों में हालात की पल-पल निगरानी की जा रही है। असीम आर महाजन ने कहा कि जैसे-जैसे तनाव कम हो रहा है, एयरलाइन सेवाएं बहाल हो रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग व्यावसायिक उड़ानों के जरिए भी लौट रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति के लिए भारतीय वायुसेना और नौसेना के जहाजों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है।
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