विश्व युद्ध की आहट? ईरान के खिलाफ जंग में कूदा ब्रिटेन! होर्मुज के पास तैनात की परमाणु पनडुब्बी, क्रूज मिसाइलों से लैस

तेहरान : पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण संघर्ष के बीच अब ब्रिटेन की सीधी एंट्री से पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच रॉयल नेवी की सबसे घातक परमाणु संचालित पनडुब्बी HMS एनसन (HMS Anson) के अरब सागर में पहुंचने की खबर है। टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों से लैस यह सबमरीन अब ईरान की दहलीज पर तैनात है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि ब्रिटेन भी इस संभावित महायुद्ध का हिस्सा बनने के लिए तैयार है।

 

HMS एनसन: अरब सागर के गहरे पानी में ‘साइलेंट किलर’ तैनात

ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रॉयल नेवी की परमाणु पनडुब्बी उत्तरी अरब सागर के गहरे पानी में अपनी स्थिति बना चुकी है। इस पनडुब्बी की मारक क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें टॉमहॉक ब्लॉक IV (Tomahawk Block IV) लैंड-अटैक मिसाइलें और स्पीयरफिश हेवीवेट टॉरपीडो लगे हैं। सैन्य सूत्रों का कहना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो ब्रिटिश प्रधानमंत्री की अनुमति मिलते ही यह पनडुब्बी सतह के करीब आकर ईरान पर मिसाइलें दागने में सक्षम है।

 

ब्रिटेन ने अमेरिका को दिए अपने सैन्य बेस, स्टार्मर सरकार का बड़ा फैसला

डाउनिंग स्ट्रीट (Downing Street) द्वारा जारी एक बयान में पुष्टि की गई है कि ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों (Bases) के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमला करने वाली ईरानी मिसाइल साइट्स को नष्ट करना है। हालांकि, ब्रिटेन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी बड़े क्षेत्रीय युद्ध में नहीं फंसना चाहता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

 

ईरान की चेतावनी: ‘ब्रिटिश लोगों की जान खतरे में डाल रहे हैं स्टार्मर’

ब्रिटेन के इस कदम पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल की मदद करना तनाव को और बढ़ाएगा। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर अपने ही देश के लोगों की इच्छा के विरुद्ध जाकर उन्हें युद्ध की आग में झोंक रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा।

 

4,000 KM दूर ‘डिएगो गार्सिया’ पर हमला, ईरान की बढ़ती ताकत से दुनिया दंग

तनाव चरम पर तब पहुंचा जब ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के रणनीतिक बेस डिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, इनमें से एक मिसाइल बीच रास्ते में फेल हो गई और दूसरी को अमेरिकी इंटरसेप्टर ने नष्ट कर दिया। लेकिन इस हमले ने दुनिया के रक्षा विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है। डिएगो गार्सिया ईरानी सीमा से करीब 4,000 किलोमीटर दूर है, जिसका मतलब है कि ईरान की मिसाइल रेंज पहले के अनुमानों से कहीं ज्यादा है।

 

इस हमले के बाद ब्रिटेन ने चेतावनी दी है कि यदि उसके बेस या हितों को निशाना बनाया गया, तो इसका परिणाम भीषण होगा। डिएगो गार्सिया बेस पर अमेरिकी बॉम्बर और परमाणु पनडुब्बियों का ठिकाना है, जो इस पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए रीढ़ की हड्डी माना जाता है।

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