Israel Iran War : मिडिल ईस्ट में जारी इजरायल-ईरान युद्ध को लेकर देश की राजनीति भी गर्म हो गई है। प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस युद्ध का असर पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत पर भी गहराई से पड़ा है।
लोकसभा में नरेंद्र मोदी ने सोमवार (23 मार्च) को पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध पर अपनी बात रखी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष का भारत पर गहरा असर पड़ा है, क्योंकि देश की ऊर्जा सुरक्षा का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल और ईरान में युद्ध के एक हफ्ते के भीतर ही देश की जनता को आश्वस्त करना चाहिए था, और हमें नियमों पर आधारित व्यवस्था के बिगड़ने पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए था, साथ ही स्टॉक रिजर्व के मामले में बेहतर तैयारी करनी चाहिए थी, फिर भी मैं पीएम मोदी के संबोधन का स्वागत करती हूं।”
प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा, “युद्ध का प्रभाव पूरी दुनिया झेल रही है, भारत पर गहरा असर पड़ा है क्योंकि हमारी ऊर्जा सुरक्षा का एक बड़ा हिस्सा युद्धग्रस्त क्षेत्र से आता है, इसलिए यह जानना बेहद अहम था कि हम इसके नतीजों से निपटने के लिए कहां खड़े हैं। उम्मीद है कि स्थिति और नहीं बिगड़ेगी और सभी पक्षों में समझदारी आएगी।”
वहीं, लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने भारत के सामने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने कहा कि संसद से एकजुट संदेश दुनिया तक जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा, “मैं देश के किसानों को विश्वास दिलाता हूं कि सरकार उनकी हर संभव मदद करती रहेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “वाणिज्यिक पोतों पर हमला और होर्मुज जैसे जलमार्ग को रोकना अस्वीकार्य है। बातचीत और कूटनीति ही समस्या का समाधान है। हमें तैयार रहना होगा और साथ ही एकजुट भी रहना होगा। हम कोरोना काल के दौरान भी ऐसी चुनौती का सामना कर चुके हैं।”
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