वॉशिंगटन : पश्चिम एशिया की जंग अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। पेंटागन में हुई एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान हेगसेथ ने साफ कर दिया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का युग समाप्त हो चुका है और अब वहां ‘नया शासन’ है। अमेरिका ने ईरान को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि या तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शर्तों पर समझौता करो, वरना और भी भीषण हमलों के लिए तैयार रहो।
मोजतबा खामेनेई के हाथ में कमान?
अमेरिकी रक्षा मंत्री के मुताबिक, दशकों तक ईरान की सत्ता संभालने वाले अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को कमान सौंपी गई है। हालांकि, मोजतबा अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिससे तेहरान के भीतर की स्थिति को लेकर रहस्य बना हुआ है। हेगसेथ ने कहा कि नए शासन को पहले से कहीं अधिक ‘समझदारी’ दिखानी होगी, क्योंकि अमेरिका अब रुकने वाला नहीं है।
‘समझौता या विनाश’: ट्रंप की शर्तें तय
पेंटागन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप डील के लिए तैयार हैं, लेकिन यह बातचीत अमेरिका की शर्तों पर होगी। हेगसेथ ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने झुकने से इनकार किया, तो अमेरिकी सेना अपनी आक्रामक कार्रवाई को और तेज करेगी। पिछले 24 घंटों का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि अमेरिका ने 200 से ज्यादा ‘डायनामिक स्ट्राइक’ किए हैं, जिनमें ईरान के कमांड बंकरों और सामरिक ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया गया है।
नाटो (NATO) के भविष्य पर लटकी तलवार
ईरान युद्ध के बीच अमेरिका ने अपने सहयोगियों को भी कड़ा संदेश दिया है। हेगसेथ ने नाटो के भविष्य पर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस संगठन पर जल्द ही बड़ा फैसला लेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में कई सहयोगी देशों ने सैन्य मदद देने में हिचक दिखाई है। हेगसेथ के शब्दों में, “जब जरूरत के समय साथी साथ न खड़े हों, तो ऐसे गठबंधन का कोई मतलब नहीं रह जाता।” नाटो पर अंतिम निर्णय ईरान अभियान के खत्म होने के बाद लिया जाएगा।
ईरानी सेना में भगदड़, टूट रहा मनोबल
जमीनी हालात का जिक्र करते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्री ने दावा किया कि लगातार हो रहे हमलों से ईरानी सेना का मनोबल पूरी तरह टूट चुका है। बिजली, पानी और संचार व्यवस्था ठप होने से वहां के नेता छिपने को मजबूर हैं। हेगसेथ ने कहा, “ईरान के पास विकल्प खत्म हो रहे हैं, जबकि हमारे पास विकल्पों की भरमार है। यह लड़ाई आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए है और हम इसे अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेंगे।”
क्या बातचीत का रास्ता अभी खुला है?
अजीबोगरीब कूटनीतिक स्थिति यह है कि एक तरफ अमेरिका बमबारी कर रहा है, तो दूसरी तरफ वह दावा कर रहा है कि ईरान के नेताओं के साथ बातचीत जारी है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान की तरफ से कमान किसके हाथ में है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि दुनिया एक और बड़े विश्व युद्ध की तरफ बढ़ेगी या तेहरान घुटने टेककर समझौते की मेज पर आएगा।
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