अनुराग कश्यप की कल्ट क्लासिक फिल्म देव डी एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौटने जा रही है। अभय देओल, कल्कि कोचलिन और माही गिल अभिनीत यह फिल्म 24 अप्रैल को चुनिंदा सिनेमाघरों में री-रिलीज होगी। 2009 में रिलीज हुई ‘देव डी’ ने अपने अनोखे ट्रीटमेंट और बोल्ड नैरेटिव के जरिए निर्देशक को बॉलीवुड में एक मजबूत पहचान दिलाई थी।
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अनुराग कश्यप ने फिल्म को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि ‘देव डी’ महज एक कहानी नहीं, बल्कि उस समय उनके भीतर के गुस्से और सिस्टम के खिलाफ एक विद्रोह का परिणाम थी। उनका उद्देश्य पारंपरिक ‘देवदास’ की छवि को तोड़ना और उसकी स्त्री-विरोधी सोच को चुनौती देना था। फिल्म में पारो और चंदा जैसे किरदारों को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ पेश किया गया, जहां वे मजबूत और आत्मनिर्भर नजर आती हैं।
अनुराग ने कहा कि वह दर्शकों को सुकून देने के बजाय असहज करना चाहते थे, ताकि वे माफी और जिम्मेदारी जैसे विषयों पर सोचें। उन्होंने फिल्म के अंत को भी जानबूझकर पारंपरिक सुखांत से अलग रखा। ‘देव डी’ दरअसल शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास ‘देवदास’ का आधुनिक रूपांतरण है, जिसमें अभय देओल, माही गिल और कल्कि कोचलिन ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं।
फिल्म की री-रिलीज को लेकर अनुराग कश्यप काफी उत्साहित हैं और उन्हें उम्मीद है कि नई पीढ़ी इस फिल्म और इसके संगीत को नए नजरिए से अपनाएगी। ‘देव डी’ आज भी अपने अलग अंदाज और दमदार कहानी के लिए सिनेमा प्रेमियों के बीच खास जगह रखती है।
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