नई दिल्ली : राष्ट्रीय महिला आयोग ने सोमवार को “सरके चुनर तेरी” गाने के संबंध में गीतकार और संगीतकार को फटकार लगाई। सोमवार को आयोग के दफ्तर में सुनवाई के दौरान अध्यक्ष विजया रहाटकर ने सरके चुनर गाने के गीतकार रकीब आलम, फिल्म के निर्देशक प्रेम, केवीएन प्रोडक्शंस के प्रतिनिधि गौतम के.एम. और सुप्रीथ को फटकार लगाते हुए गीत के बोल पर चिंता जताई और इसे महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताया।
सुनवाई के दौरान गीतकार और संगीतकार ने कहा कि उन्हें इस गाने के बोल का मतलब पता नही था। इस पर अध्यक्ष विजया रहाटकर ने यह दलील ठुकराते हुए साफ कहा कि रचनात्मकता के नाम पर महिलाओं की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचाई जा सकती।
विजया रहाटकर ने सभी संबंधित लोगों को भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की सख्त हिदायत दी। उपस्थित आरोपियों ने आयोग के सामने लिखित में माफी मांगी और माना कि इस गीत से समाज पर गलत प्रभाव पड़ा है।
विजया रहाटकर ने मीडिया को जानकारी दी कि फिल्म के गीतकार, संगीतकार को अगले 3 महीनों में महिला सशक्तिकरण के लिए काम करने के निर्देश दिए गए हैं और उसकी रिपोर्ट आयोग को सौंपने को कहा गया है। उन्होंने ने बताया कि
अभिनेत्री नोरा फतेही की ओर से उनके अधिवक्ता उपस्थित हुए, लेकिन आयोग ने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का अंतिम अवसर देते हुए 27 अप्रैल की तिथि निर्धारित की गई है। इसी प्रकार अभिनेता संजय दत्त, जिन्होंने अपने पेशेवर कारणों से विदेश में होने की बात कही थी, उन्हें 8 अप्रैल को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने 19 मार्च को ‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाने में अश्लीलता और अभद्रता के आरोपों से संबंधित मीडिया रिपोर्टों पर स्वतः संज्ञान लिया था।
आयोग ने इस मामले में अभिनेत्री नोरा फतेही, रकीब आलम, अभिनेता संजय दत्त, वेंकट के. नारायण (निर्माता, केवीएन समूह) और किरण कुमार (निर्देशक) को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए समन जारी किया था।
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