नई दिल्ली : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की तपिश के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के ‘आतंकवादी’ वाले बयान ने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पुरी सांसद संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खरगे के बयान को केवल ‘जुबान फिसलना’ मानने से इनकार करते हुए इसे कांग्रेस की गहरी साजिश और असली मानसिकता करार दिया है।
जाकिर नाइक ‘शांति दूत’ और पीएम ‘आतंकी’: पात्रा का प्रहार
संबित पात्रा ने कांग्रेस के चरित्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह वही पार्टी है जो दुनिया के खतरनाक आतंकियों के लिए ‘जी’ शब्द का इस्तेमाल करती है। पात्रा ने तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस के लिए जाकिर नाइक शांति का दूत है और ओसामा बिन लादेन ‘ओसामा जी’ है, लेकिन करोड़ों भारतीयों द्वारा चुने गए प्रधानमंत्री उनके लिए आतंकवादी हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के इशारे पर खरगे ने इस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है, जिसका जवाब देश की जनता वोट की चोट से देगी।
मोदी ‘आतंकी’ क्यों? भाजपा ने गिनाई योजनाओं की लिस्ट
भाजपा नेताओं ने खरगे के बयान पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या प्रधानमंत्री इसलिए ‘आतंकवादी’ हैं क्योंकि वे गरीबों को मुफ्त राशन, पक्का घर और पानी दे रहे हैं? संबित पात्रा ने कहा, “पीएम मोदी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दे रहे हैं और मुद्रा योजना से युवाओं को स्वरोजगार दे रहे हैं, शायद इसलिए कांग्रेस को वे आतंकी लगते हैं।” भाजपा ने इसे 140 करोड़ भारतीयों के जनादेश का अपमान बताया है।
पीयूष गोयल और तरुण चुघ का भी तीखा हमला
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस और डीएमके (DMK) गठबंधन इतनी नीचता पर उतर आया है कि वे लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेता के खिलाफ भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि यह भारत के प्रधानमंत्री पद की गरिमा पर हमला है। उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को इस घोर अपमान के लिए पूरे देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
खरगे की सफाई: ‘डराने की राजनीति’ की बात कर रहा था
भारी विरोध के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने कहा, “मैंने यह नहीं कहा कि प्रधानमंत्री आतंकवादी हैं। मेरे कहने का तात्पर्य यह था कि वे विपक्ष को डराने और धमकाने की राजनीति करते हैं। ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी संस्थाओं का डर दिखाकर वे लोकतांत्रिक पार्टियों को दबाना चाहते हैं।” हालांकि, भाजपा ने इस सफाई को नाकाफी बताते हुए कांग्रेस की संविधान-विरोधी मानसिकता को कटघरे में खड़ा किया है।
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