वैचारिक दिवालियापन का शिकार है आम आदमी पार्टीः बांसुरी स्वराज

नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के 95 लोधी स्टेट स्थित आवास को शीश महल-2 करार देते हुए आरोप लगाया कि इसकी साज-सज्जा का खर्च पंजाब के मंत्री उठा रहे हैं। भाजपा ने कहा कि केजरीवाल का यह आवास आम आदमी पार्टी के वैचारिक दिवालियापन को दर्शाता है। केजरीवाल सिर्फ स्वार्थ की राजनीति कर रहे हैं।

 

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि आम आदमी पार्टी का जब जन्म हुआ तो केजरीवाल राजनीति में एक विकल्प के रूप में उभरने का प्रयास कर रहे थे।

 

उन्होंने दिल्ली की जनता से अलग-अलग तरह के वादे किए थे। अन्ना आंदोलन की उपज थे, लेकिन बाद में इन्होंने अन्ना के साथ ही धोखाधड़ी कर दी।

 

इनके जितने भी संस्थापक थे, उनमें से आज एक भी इनके साथ नहीं हैं।

 

इन्होंने अपने बहुत घनिष्ठ मित्रों के साथ ही विश्वासघात कर दिया। केजरीवाल और आम आदमी पार्टी का नेतृत्व हमेशा एक सामान्य व्यक्ति का व्यक्तित्व धारण करने का प्रयास करता है

 

लेकिन दिल्ली की जनता इनकी सच्चाई समझ गई। जनता के सामने इनकी नौटंकी चली नहीं।

 

इसलिए दिल्ली के देवतुल्य मतदाताओं ने आम आदमी पार्टी और केजरीवाल को नकार कर भाजपा को बहुमत दिया।

 

उन्होंने केजरीवाल से पूछा कि वे आम आदमी का आवरण धारण करते हैं लेकिन

 

सच्चाई कुछ औऱ है। भाजपा का सवाल ऐशो अराम में रहने से नहीं बल्कि एक झूठ का आवरण पहनने से है। मुद्दा विलासिता वाले आवास में रहने का नहीं बल्कि दोगली राजनीति की है। झूठ बोलने की है। उन्होंने कहा कि जब केजरीवाल चुनाव हार गए, तो वो जाकर पंजाब में रहने लगे और वहां पर उन्होंने सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया, अपनी शान और ठाठ-बांट के लिए। अब जब वो न विधायक हैं और न ही मुख्यमंत्री, वो लुटियंस के सरकारी बंगले में रहे हैं।

 

स्वराज ने कहा कि केजरीवाल वो नेता हैं, जिन्होंने दिल्ली की जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे और कहा था कि वे न गाड़ी लेंगे और न बंगला लेंगे। ये क्षण तिलमिलाकर और बौखलाकर आम आदमी पार्टी की तरफ से विष वमन का नहीं, बल्कि ये आत्मचिंतन का क्षण होना चाहिए।

 

जब एक संगठन का संगठन महामंत्री ही उसे छोड़कर आ जाए, तो वो संगठन बिखर रहा है, ये परिलक्षित हो जाता है।

 

वैचारिक दिवालियापन दिख जाता है।

 

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने पिछले दिनों हाई कोर्ट की एक महिला न्यायमूर्ति को लेकर गलत बयानबाजी की। आम आदमी पार्टी महिला विरोधी है। नारी वंदन अधिनियम संशोधन का विरोध किया। महिलाओं की भूमिका सिर्फ वोट देने तक रखना चाहती है। उनके सरकारी आवास में महिला सांसद के साथ मारपीट की गई। एक संगठन का संगठन महामंत्री भी पार्टी छोड़ कर जा चुके हैं। केजरीवाल के लिए आत्म मंथन का समय है।

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