आखिरी बार ट्विशा का चेहरा देखने भी नहीं पहुंचीं पूर्व जज सास गिरिबाला, कांपते हाथों से फौजी भाई ने दी मुखाग्नि; कल सुप्रीम कोर्ट में महासुनवाई

भोपाल : सवालों, सस्पेंस और गहरे दर्द को पीछे छोड़ भोपाल के कटारा हिल्स की बहू ट्विशा शर्मा आखिरकार पंचतत्व में विलीन हो गई। रविवार शाम भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर गमगीन और भारी माहौल में ट्विशा का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान श्मशान घाट पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं और पूरा परिवार अपनी लाडली का चेहरा देखकर फूट-फूटकर रो पड़ा। लेकिन इस भावुक विदाई के बीच सबसे बड़ी चर्चा यह रही कि ट्विशा को आखिरी बार देखने उसकी सास और पूर्व जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह श्मशान घाट नहीं पहुंचीं। वहीं, पुलिस कस्टडी में होने और कोर्ट से अनुमति न मिलने के कारण पति समर्थ सिंह भी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सका।

 

बेसुध हुई मां, शव देख रो पड़े पिता; भाई मेजर हर्षित ने दी मुखाग्नि

ट्विशा शर्मा के अंतिम संस्कार का मंजर बेहद हृदयविदारक था। जैसे ही ट्विशा का पार्थिव शरीर घाट पर पहुंचा, पिता नवनिधि शर्मा अपनी बेटी को देख खुद पर काबू नहीं रख पाए और फफक-फफक कर रो पड़े। मां रेखा शर्मा बेटी के शव को देखते ही बेसुध हो गईं, जिन्हें महिला रिश्तेदारों ने बमुश्किल संभाला। सबसे भावुक पल तब आया जब देश की रक्षा करने वाले ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने बेहद कांपते हाथों से अपनी इकलौती बहन की चिता को मुखाग्नि दी। जिसने भी यह नजारा देखा, उसका कलेजा मुंह को आ गया।

 

एम्स में 3 घंटे तक चला री-पोस्टमार्टम, 7 दिन की रिमांड पर है पति समर्थ

अंतिम संस्कार से पहले रविवार को दिल्ली से आई फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की स्पेशल टीम ने भोपाल के एम्स (AIIMS) अस्पताल में ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया। यह पूरी प्रक्रिया करीब तीन घंटे तक कड़ी सुरक्षा के बीच चली, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम संपन्न होने के बाद ही शव परिजनों को सौंपा गया। गौरतलब है कि ट्विशा का पति समर्थ सिंह इस वक्त 7 दिन की पुलिस रिमांड पर है। उसने अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गुहार लगाई थी, लेकिन जांच और कानूनी पेचीदगियों के चलते उसे अनुमति नहीं दी गई।

 

सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः लिया संज्ञान, सीजेआई की बेंच करेगी कल ‘ऐतिहासिक’ सुनवाई

ससुराल पक्ष के रसूख को देखते हुए अब यह संदिग्ध मौत का मामला देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद (स्वतः संज्ञान) केस दर्ज किया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की विशेष पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली शामिल हैं, सोमवार 25 मई 2026 को इस पर सुनवाई करेगी। सर्वोच्च अदालत ने इस मामले को ‘एक युवती की ससुराल में अप्राकृतिक मौत के मामले में कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियागत विसंगतियां’ शीर्षक के तहत सूचीबद्ध किया है, जिससे स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

शादी के महज 5 महीने बाद मौत, फोन पर कहा था- मुझे टॉर्चर कर रहे हैं

31 वर्षीय ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थी। दिसंबर 2025 में ‘शादी डॉट कॉम’ के जरिए उसकी शादी भोपाल की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। बीती 12 मई की रात ट्विशा ने नोएडा में अपनी मां को फोन कर रोते हुए कहा था, “मुझे यहां बहुत टॉर्चर किया जा रहा है। नौकरी छोड़ने के कारण मुझे नाकारा कहा जा रहा है, मेरी जान को खतरा है।” इस बातचीत के ठीक दो घंटे बाद सास गिरिबाला सिंह ने मायके वालों को फोन कर बताया कि ट्विशा ने फांसी लगा ली है। मायके पक्ष का सीधा आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि रसूख के दम पर की गई बेरहम हत्या है। फिलहाल पुलिस ने पूर्व जज सास और पति पर दहेज हत्या का केस दर्ज कर लिया है।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com