’16 नए वरिष्ठ पदों से मजबूत होगी NTA’, सुप्रीम कोर्ट में एनटीए का हलफनामा, कहा- सिस्टम में बदलाव किया है, अब लापरवाही नहीं होगी

नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली में बड़े स्तर पर सुधार किए जाने का दावा करते हुए सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। एजेंसी ने कहा है कि परीक्षा की सुरक्षा, निगरानी और संचालन को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाने के लिए कई संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं।

 

एनटीए ने अपने हलफनामे में बताया कि 17 अप्रैल 2026 को हाई-पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी (HPSC) की बैठक हुई थी, जिसमें नीट यूजी परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में परीक्षा से पहले, दौरान और बाद में सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की गईं।

 

कमेटी ने सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य करने और फुटेज को कम से कम 90 दिनों तक सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल कराने, बिजली बैकअप सिस्टम की जांच, मौसम आपदा प्रबंधन और मेडिकल इमरजेंसी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

 

परीक्षा केंद्रों की सख्त निगरानी और फॉरेंसिक जांच

एनटीए ने कोर्ट को बताया कि परीक्षा से पहले सभी केंद्रों का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। परीक्षा के बाद सीसीटीवी फुटेज का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जाएगा, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनियमितता का पता लगाया जा सके।

 

एजेंसी ने यह भी कहा कि भविष्य में परीक्षा के आयोजन को लेकर हाई-पावर्ड कमेटी यह तय करेगी कि नीट परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराई जाए या मौजूदा पेन एंड पेपर (PPT) मोड को जारी रखा जाए।

 

एनटीए में 16 नए वरिष्ठ पदों का सृजन

सुधारों के तहत एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि एजेंसी में 16 नए वरिष्ठ पद सृजित किए गए हैं, जिनमें डायरेक्टर और जॉइंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा दो जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के अधिकारियों को अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) के रूप में नियुक्त किया गया है, जो परीक्षा सुरक्षा और तकनीकी संचालन की निगरानी करेंगे।

 

मार्च 2026 में एक सचिव स्तर के अधिकारी को एनटीए का महानिदेशक भी नियुक्त किया गया है।

 

विशेषज्ञों की टीम और नई निगरानी व्यवस्था

एनटीए ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए आईआईटी, यूजीसी, सीबीएसई, केवीएस और इग्नू जैसी संस्थाओं के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है।

 

इसके अलावा देशभर में राज्य स्तरीय समन्वय समितियां (SLCC) और जिला स्तरीय समितियां (DLCC) गठित की गई हैं। 3 मई 2026 तक 18 राज्य स्तरीय और 621 जिला स्तरीय समितियां सक्रिय कर दी गई थीं, जिनमें प्रशासन, पुलिस, खुफिया एजेंसियों और एनआईसी के अधिकारी शामिल हैं।

 

सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई संभव

यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो सकता है। याचिकाकर्ताओं ने नीट यूजी 2026 में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद के बाद एनटीए की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की है।

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