नई दिल्ली : देश के 27वें नौसेना प्रमुख के तौर पर एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने रविवार को कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने कहा कि वे अपनी जिन्दगी का हर दिन नौसेना को बेहतर, मजबूत, तेज और ज्यादा असरदार बनाने में लगाएंगे, ताकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा, राष्ट्रीय विकास के हितों की सेवा कर सके। उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी कि भारतीय नौसेना ऑपरेशनल तैयारी और लड़ाई में असरदार होने का सबसे ऊंचा लेवल बनाए रखे, ताकि वह देश की सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा कर सके।
उन्होंने नेशनल वॉर मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें साउथ ब्लॉक लॉन्स में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने कहा कि `भारतीय नौसेना संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, जिस पर मेरा मुख्य फोकस होगा। भारतीय नौसेना को दुनिया में सबसे बेहतरीन प्रोफेशनल माना जाता है इसलिए सभी कर्मचारियों की भलाई, व्यावसायिक प्रदर्शन और व्यक्तिगत विकास मेरे लिए सबसे ज्यादा महत्व रखेंगे।’ उन्होंने निवर्तमान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश के लिए उनकी बहुत सराहनीय और शानदार सर्विस रही है और वे बहुत ही प्रभावी सीएनएस रहे हैं। उन्होंने अपने नेतृत्व में हर मोड़ पर नौसेना को अपने गाइडेंस और विजन का फायदा दिया है।
एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने भावुक होकर कहा कि `मैं आज 27वें चीफ ऑफ नेवल स्टाफ के तौर पर बहुत विनम्रता, जिम्मेदारी, गर्व और आभार के साथ कमान संभाल रहा हूं। मैं नौसेना और देश की सेवा करने का यह मौका पाकर बहुत आभारी हूं। भारतीय नौसेना देश के हितों की रक्षा के लिए सतर्क रहती है और एक ऐसे क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल में बहुत सक्रिय रूप से तैनात है, जो अभी भी चुनौतीपूर्ण, जटिल, अप्रत्याशित और अनिश्चित बना हुआ है। भारतीय नौसेना अपनी क्षमता बढ़ाने और स्वदेशीकरण के रास्ते पर अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। मेरी कोशिश होगी कि नौसेना की ग्रोथ की रफ्तार को बनाए रखा जाए और उभरती हुई तकनीक को शामिल करके हमारी ऑपरेशनल क्षमताओं को बेहतर बनाया जाए।’
सेवानिवृत्त हुए चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने इस मौके पर कहा कि `पिछले कुछ सालों में जब भी देश ने पुकारा तो नौसेना ने उसे पूरा किया। हमने इसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखा, जो अभी भी जारी है और हम इसे अब पश्चिमी एशिया में उथल-पुथल के बीच ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा के दौरान देख रहे हैं। उन्होंने अपने उन सभी शिपमेट्स, टीममेट्स, ऑफिसर्स, सेलर्स और डिफेंस सिविलियंस को धन्यवाद दिया जो साथ खड़े रहे और देश जो चाहता था, उसे पूरा किया। आज मैं भारतीय नौसेना की कमान एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को सौंप रहा हूं, जो पूरी तरह से प्रोफेशनल और बेहतरीन लीडर हैं, जिनकी क्वालिटी और कैपेसिटी साबित हुई है और वे हमारी नौसेना को और ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।’
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