नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा प्रस्तावित नए टैरिफ उपायों को लेकर भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक बातचीत तेज हो गई है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह इस पूरे मामले पर लगातार अमेरिका के साथ बातचीत कर रही है और किसी भी निर्णय से पहले द्विपक्षीय समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच 1 जून से व्यापार समझौते (Trade Agreement) को लेकर औपचारिक बातचीत जारी है।
सेक्शन 301 टैरिफ पर भारत की स्थिति
मंत्रालय ने बताया कि यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) द्वारा 1974 के अमेरिकी व्यापार अधिनियम के सेक्शन 301 के तहत कई देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया गया है।
इन प्रस्तावों में भारत सहित करीब 60 अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं, जिनकी जांच पूरी कर ली गई है।
भारत सरकार ने कहा है कि वह इस प्रस्तावित टैरिफ पर अमेरिका के साथ लगातार संवाद कर रही है ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार प्रभावित न हो।
अंतिम फैसला 7 जुलाई को
अमेरिकी प्रक्रिया के तहत:
22 जून तक सार्वजनिक सुनवाई में सुझाव लिए जाएंगे
6 जुलाई तक लिखित आपत्तियां दाखिल की जा सकती हैं
7 जुलाई को अंतिम सार्वजनिक सुनवाई होगी
इसके बाद USTR अंतिम निर्णय लेगा कि प्रस्तावित टैरिफ लागू किए जाएं या नहीं।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत
सरकारी बयान के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच केवल टैरिफ ही नहीं, बल्कि:
बाजार पहुंच (Market Access)
गैर-टैरिफ बाधाएं (Non-tariff barriers)
द्विपक्षीय व्यापार फ्रेमवर्क
जैसे मुद्दों पर भी चर्चा चल रही है।
भारत ने कहा है कि वह अमेरिका के साथ चल रही इस परामर्श प्रक्रिया को आगे भी जारी रखेगा ताकि एक संतुलित व्यापार समझौता तैयार किया जा सके।
सेक्शन 232 टैरिफ से छूट
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो उत्पाद पहले से ही सेक्शन 232 टैरिफ के दायरे में आते हैं, उन्हें प्रस्तावित नए उपायों से अलग रखा गया है।
भारत सरकार का बयान
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने अपने बयान में कहा:
“भारत सेक्शन 301 की कार्यवाही के हिस्से के रूप में इस मामले पर अमेरिका के साथ लगातार बातचीत कर रहा है।”
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