उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्रियों ने विश्व पर्यावरण दिवस पर दीं शुभकामनाएं

नई दिल्ली : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देशभर में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय मंत्रियों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। सभी नेताओं ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए नागरिकों से प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

 

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए भारतीय सभ्यता की प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की परंपरा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल का संदेश “संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और सभी जीवों की रक्षा” आज के समय में पहले से अधिक प्रासंगिक है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने और टिकाऊ विकास के सिद्धांतों को अपनाने का आग्रह किया।

 

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि पर्यावरण केवल मानव जीवन का आधार नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि भारतीय संसद पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। संसद परिसर में पेपरलेस कार्यप्रणाली, सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, हरित संसदीय भवन और स्वच्छ परिसर जैसी अनेक पहलें सफलतापूर्वक लागू की जा रही हैं।

 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने जलवायु परिवर्तन से निपटने, सतत विकास को बढ़ावा देने और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जनआंदोलन बताते हुए देशवासियों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया।

 

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश आज विश्व की तीसरी सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता वाला राष्ट्र बन चुका है। शाह ने नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, सौर ऊर्जा विस्तार और वनावरण वृद्धि को भारत की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताते हुए कहा कि ये प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी गति प्रदान कर रहे हैं।

 

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि “पेड़ लगाने का अर्थ जीवन लगाना है।” उन्होंने वृक्षारोपण को पर्यावरण संरक्षण का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम बताते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने के लिए हर नागरिक को इस दिशा में योगदान देना चाहिए।

 

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का छोटा-सा प्रयास भी हरित, स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाभियान के तहत प्रदेशव्यापी वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने लखनऊ में ‘महर्षि चरक औषधि वन’, स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना, 100 आर्द्रभूमियों की अधिसूचना तथा वृक्षारोपण महाभियान-2026 के लोगो के अनावरण जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

 

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मौके पर बताया कि राजधानी में मेगा प्लांटेशन ड्राइव और 18 नमो ऑक्सीजन पार्कों के उद्घाटन के माध्यम से स्वच्छ, हरित और स्वस्थ दिल्ली मिशन को गति दी जा रही है। उन्होंने दिल्लीवासियों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।

 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भारतीय संस्कृति में प्रकृति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

 

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण, हरित विकास और सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

 

उल्लेखनीय है कि विश्व पर्यावरण दिवस पहली बार 5 जून 1973 को मनाया गया था। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1972 में आयोजित स्टॉकहोम सम्मेलन के निर्णय के बाद हुई थी। तब से प्रत्येक वर्ष 5 जून को दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है।

 

वास्तव में विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक अवसर नहीं, बल्कि पृथ्वी और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने का सामूहिक संकल्प है। इस वर्ष भी देश के शीर्ष नेतृत्व ने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए हर नागरिक से प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया है।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com