मप्र से राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर सस्पेंस, भाजपा अध्यक्ष का इंकार

भोपाल : मध्य प्रदेश से राज्यसभा की रिक्त होने वाले तीन सीटों की पूर्ति के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन को लेकर सियासी उठापटक जारी है। मप्र विधानसभा में विधायकों की संख्या के हिसाब से राज्यसभा की दो सीटों पर भाजपा और एक सीट पर कांग्रेस की जीत तय है, लेकिन मुख्यमंत्री के संकेतों में भाजपा की नजर तीसरी सीट पर भी है जबकि भाजपा अध्यक्ष इंकार कर रहे हैं। इससे सियासी गलियारों में नया सस्पेंस खड़ा हो गया है।

 

दरअसल, मध्य प्रदेश विधानसभा में वर्तमान में 228 सदस्य मतदान के पात्र हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोटों की आवश्यकता है। भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 63 विधायक हैं। दो सीटों पर अपने उम्मीदवारों को निर्वाचित कराने के बाद भाजपा के पास लगभग 48 वोट बचेंगे। ऐसे में तीसरी सीट जीतने के लिए उसे अतिरिक्त 10 वोटों की जरूरत होगी। यही वजह है कि कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की आशंका और भाजपा की संभावित रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

 

हालांकि, भाजपा ने अभी केवल दो उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग और प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने एक दिन पहले यानी शनिवार को ही अपने नामांकन भी दाखिल कर दिए हैं। वहीं, कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार घोषित किया है और पार्टी ने दावा किया कि पूरी पार्टी उनके साथ है। इसी बीच भाजपा की ओर से दावा किया गया कि पार्टी पूरी तरह मजबूत स्थिति में है और यदि तीसरा उम्मीदवार भी उतारा जाए तो उसकी जीत तय है।

 

भाजपा संगठन की ओर से भले ही अब तक तीसरे उम्मीदवार को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन मुख्यमंत्री मोहन यादव के एक बयान से तीसरी सीट को लेकर सियासी अटकलें तेज हो गई हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री शनिवार को इंदौर पहुंचे थे। यहां देर शाम जब पत्रकारों ने राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर सवाल किया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि तीसरी सीट आएगी नहीं तो कहां जाएगी। इसके अलावा शनिवार की रात मुख्यमंत्री निवास में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों को 8 जून तक भोपाल नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इससे भी सियासी अटकलों को हवा मिली है।

 

हालांकि, इन अटकलों के बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारने की पार्टी की कोई रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास दो सीटों के लिए पर्याप्त विधायक हैं और कांग्रेस के पास भी अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या है। उन्होंने कहा कि तीसरी सीट को लेकर न कोई निर्णय हुआ है और न ही इस पर कोई विचार किया गया है। पार्टी की ओर से ऐसा कोई निर्देश भी नहीं मिला है।

 

राज्यसभा के लिए नामांकन भरने की अंतिम तारीख 8 जून है। माना जा रहा है कि नामांकन के अंतिम दिन तक राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। तीसरी सीट को लेकर पर्दे के पीछे राजनीतिक बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है। ऐसे में 8 जून तक तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर सस्पेंस बने रहने की संभावना है।

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