नई दिल्ली। इंडिया गठबंधन की आगामी बैठक से पहले CPI के महासचिव डी राजा ने कांग्रेस पार्टी पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ANI से बातचीत में कहा कि बैठक का निमंत्रण तो मिला है, लेकिन एजेंडे का पता नहीं है। डी राजा ने कहा कि कहा जा रहा है कि इस बैठक में डीएमके को छोड़कर कुल 23 दल शामिल होंगे, लेकिन हमें यह समझने की जरूरत है कि वास्तव में कितने दल और नेता इसमें भाग ले रहे हैं।
डी राजा ने यह भी बताया कि मल्लिकार्जुन खड़गे इस समय इंडिया गठबंधन के चेयरपर्सन हैं। उन्हें उनके दफ्तर से जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक हमें किसी खास एजेंडे या मुद्दे की जानकारी नहीं दी गई है। जब बैठक में भाग लेने पहुंचेंगे, तभी हमें पूरी जानकारी मिल पाएगी।
जब उनसे पूछा गया कि इस बैठक में वाम दल कौन-कौन से मुद्दे उठाएंगे, तो डी राजा ने कहा कि उनके अपने मुद्दे हैं, और वे इन्हें जरूर उठाएंगे। उन्होंने बताया कि केरल चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं ने वाम दलों की ईमानदारी और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे। इन नेताओं में कांग्रेस के विभिन्न जिलों के स्थानीय नेताओं से लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर के नेता शामिल हैं।
डी राजा ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव में यह भी कहा कि अब लेफ्ट नहीं रहा, बल्कि यह बीजेपी और कांग्रेस के बीच गठबंधन का रूप ले चुका है। ऐसे बयानों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी दलों के बीच आपसी सम्मान और भरोसे का होना जरूरी है। बिना भरोसे और सम्मान के हम एक मजबूत और एकजुट आंदोलन नहीं खड़ा कर सकते।
इंडिया गठबंधन की आगामी बैठक से पहले दिल्ली में कई जगह होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इन होर्डिंग्स में कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ पुराने बयानों का जिक्र किया गया है। इन पोस्टर्स पर लिखा है, “INDI अलान्यस वाले जो आपस में लड़ रहे हैं, वो साथ क्या लड़ेंगे?”
ममता बनर्जी की तस्वीर वाले पोस्टर में लिखा है, “कांग्रेस अपनी विश्वसनीयता खो रही है। हम कांग्रेस पर निर्भर नहीं रह सकते।” अरविंद केजरीवाल की तस्वीर वाले पोस्टर पर लिखा है, “गुजरात में भी कांग्रेस को वोट नहीं देना चाहिए।” शरद पवार के पोस्टर पर लिखा है, “राहुल गांधी में कंसिस्टेंसी की कमी है।”
तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन के पोस्टर पर लिखा है, “20 साल से ज्यादा समय तक कांग्रेस हमारी पीठ पर चढ़कर आगे बढ़ती रही, और आज उन्होंने हमारी ही पीठ में छुरा घोंप दिया।”
यह सब संकेत देते हैं कि आगामी इंडिया गठबंधन की बैठक में पार्टी नेताओं के बीच भरोसे और एकता को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं, और कांग्रेस के साथ संबंधों में खटास की भी आशंका है।
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