राजस्थान के जयपुर में रविवार को मौलाना अबुल कलाम आजाद वेलफेयर सोसायटी, राजस्थान की ओर से आयोजित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में नवाब दादा कायम खां शहीद दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह तथा ‘कायम रत्न अवॉर्ड-2026’ के कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस अवसर पर राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, लोकसभा सांसद इमरान मसूद, सांसद राहुल कस्वां, विधायक रफीक खान और अमीन कागजी समेत कई नेता मौजूद रहे।
अपने भाषण में गहलोत ने बीजेपी और उसकी राजनीति को निशाना बनाते हुए कहा कि लोकसभा की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को चुनाव नहीं लड़ाती। उन्होंने कहा, “अगर आज इंदिरा गांधी होतीं तो ऐसी राजनीति करने वाली पार्टी पर प्रतिबंध लगाने का कदम उठा सकती थीं। धर्म के नाम पर चुनाव नहीं लड़ा जा सकता, लेकिन धर्म के आधार पर समाज में तनाव और दंगे फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।”
गहलोत ने कहा कि देश में लोकतंत्र अब खतरे में है और हालात बहुत गंभीर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है, और उत्तर प्रदेश में अदालतों की टिप्पणियों के बावजूद बुलडोजर कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका भी दबाव में नजर आ रही है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाने और मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन का जिक्र करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
गहलोत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी की विचारधारा बहुत ही खतरनाक है। उनका दावा है कि ये विचारधारा महात्मा गांधी, सरदार पटेल और डॉ. भीमराव अंबेडकर के मूल्यों में नहीं है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे बूथ स्तर पर दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के साथ किसी भी प्रकार का अत्याचार होने पर उनके घर जाकर उनका समर्थन करें।
गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस देश में जाते हैं, वहाँ कुछ दिनों बाद ही हमले जैसी घटनाएं हो जाती हैं, जो सामान्य बात नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी युवाओं के बीच लगातार संपर्क बनाए हुए हैं और 17 जून को कोटा में नीट अभ्यर्थियों से संवाद करेंगे।
उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन को और मजबूत करने की आवश्यकता है और जो दल कांग्रेस छोड़कर गए हैं, उन्हें वापस आना चाहिए। साथ ही, कहा कि देश की राजनीति में राहुल गांधी बनाम नरेंद्र मोदी की सीधी टक्कर होनी चाहिए और विपक्षी दलों को राहुल के नेतृत्व में एकजुट होना चाहिए।
50 वर्षों में ऐसा माहौल पहले कभी नहीं देखा
गहलोत ने कहा, “मैं अपने 50 साल के राजनीतिक जीवन में ऐसा माहौल पहले कभी नहीं देखा। यदि वर्तमान स्थिति यूं ही बनी रही तो युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा और इतिहास भी उनसे सवाल करेगा कि उस समय वे क्या कर रहे थे।”
लोकतंत्र को बचाने की जिम्मेदारी कांग्रेस के पास: मसूद
इस अवसर पर सांसद इमरान मसूद ने कहा कि देश के लोकतंत्र को सुरक्षित करने की क्षमता सिर्फ कांग्रेस में है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की घटनाओं का जिक्र किया और कहा कि वहां लोकतंत्र के साथ जो हुआ, वह सबने देखा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था भी संकट में है, जिसमें नीट, सीबीएसई और अन्य विवाद शामिल हैं।
मसूद ने यह भी आरोप लगाया कि सांप्रदायिकता समाज के लिए जहर है और यदि नेतृत्व अशोक गहलोत जैसे लोगों के हाथ में रहेगा, तो देश का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो वोट नागरिकों के अधिकारों की सबसे बड़ी ताकत हैं।
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