छत्तीसगढ़ के कोरिया में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष को कार में जिंदा जलाया ,भाई की भी मौत

रायपुर : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में सोनहत थाना क्षेत्र में नौगई गांव में मंगलवार-बुधवार दरम्यानी रात भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष को जिंदा जलाकर मार दिया गया। आरोप है कि रेत कारोबार से जुड़े लोगों ने उनके घर के सामने उनकी फॉर्च्यूनर कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

 

इस घटना में गंभीर रूप से झुलसे भाजपा नेता के शिक्षक भाई की अंबिकापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने अब तक चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी शामिल हैं। बाकी तीन फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है।

 

स्थानीय पुलिस के अनुसार, इस घटना में दो लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। कार के भीतर जलने से मृत मिले मुख्य व्यक्ति की पहचान भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के रूप में आधिकारिक तौर पर की गई है। उनके भाई नागेंद्र सिंह (जो पेशे से शिक्षक थे) की भी मौत हो चुकी है।

 

पीड़ित परिवार की शिकायत और प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपितों को नामजद कर लिया है। इस मामले में मुख्य आरोपित के रूप में स्थानीय भाजपा नेता और रेत माफिया मनोज त्रिपाठी का नाम सामने आया है। मनोज त्रिपाठी के परिवार के सदस्यों और उनके रेत व्यवसाय से जुड़े करीबियों को भी इस हमले में सह-आरोपित बनाया गया है, जिन्होंने फॉर्च्यूनर कार का रास्ता डंपर से रोका था।

 

पुलिस जांच में पुष्टि हुई है कि मृत भाजपा नेता भरत सिंह के भतीजे द्वारा नौगई में लिए गए रेत घाट के ठेके को लेकर मनोज त्रिपाठी के गुट से पुराना विवाद चल रहा था, जिसके चलते इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम दिया गया। सोनहत थाना पुलिस ने मनोज त्रिपाठी और अन्य आरोपितों के खिलाफ हत्या और आगजनी सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

 

सोनहत पुलिस ने बताया कि सोनहत के नौगई गांव में भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था। रेत के अवैध खनन और तस्करी को लेकर उनका भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था। देर रात करीब 12 बजे कुछ लोगों ने भरत सिंह के घर को घेर लिया। विवाद बढ़ने के बाद आरोपितों ने फॉर्च्यूनर कार के सामने डंपर वाहन लगाकर उसका रास्ता रोक दिया और कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। कार में भरत सिंह, उनका भाई और शिक्षक नागेंद्र सिंह, रायपुर निवासी वीरू सिंह समेत एक अन्य व्यक्ति सवार थे। हमलावरों ने वाहन में सवार लोगों को बाहर निकलने और जान बचाकर भागने का मौका नहीं दिया, जिससे वे आग की चपेट में आ गए।कार सवार भरत सिंह बुरी तरह से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनके भाई नागेंद्र सिंह, वीरू सिंह और एक अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से झुलस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।

 

एम्बुलेंस से घायलों को तत्काल इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर किया। इलाज के दौरान शिक्षक नागेंद्र सिंह ने भी दम तोड़ दिया। वहीं वीरू सिंह और एक अन्य गंभीर घायल को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा देररात ही कोरिया पहुंचे।

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