नई दिल्ली। ओमान तट के पास बीती 11 जून को हुए एक अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी, जिसमें आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम निवासी मरीन इंजीनियर सहित 21 चालक दल के सदस्य शामिल थे। यह हमला पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी सेट्टेबेलो पर हुआ था, जो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित था। इस घटना में जहाज के मुख्य अभियंता पटनाला सुरेश, डेक कैडेट आदित्य शर्मा और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया की मौत हो गई थी।
घटना के बाद initially तीन भारतीय नाविक लापता बताए गए थे, लेकिन बाद में उनके शव बरामद कर लिए गए। इस हमले में 21 चालक दल के सदस्य सुरक्षित बच गए, लेकिन तीन सदस्य लापता होने के कारण उनकी मौत की पुष्टि हुई। मारे गए विशाखापत्तनम निवासी पटनाला सुरेश अपने पीछे पत्नी भार्गवी और दो बेटों, जिनकी उम्र 13 और 10 वर्ष है, छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी ने जानकारी दी कि उन्हें यह पता चला है कि जहाज पर ड्रोन हमले में यह घटना हुई है और पति सहित तीनों चालक दल सदस्य लापता थे।
विपक्ष ने इस घटना को लेकर सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा था, और इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। इस बीच, अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस घटना का जिक्र किया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि ट्रंप के शासनकाल में तीन निर्दोष भारतीयों ने अपनी जान गंवाई, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस वक्त ट्रंप की प्रशंसा करने में ही व्यस्त थे। केजरीवाल ने कहा कि यदि एक सशक्त प्रधानमंत्री होता, तो वह इस घटना पर बिना शर्त माफी मांगता, न कि ट्रंप की तारीफ करता।
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