लखनऊ अग्निकांड : अलीगंज के बाजार बंद, SIT ने अवैध बिल्डिंग सील की, एसआईटी और फोरेंसिक टीम ने संभाला मोर्चा

लखनऊ। अलीगंज इलाके में कोचिंग व एनिमेशन सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक अवैध इमारत में भड़की आग ने देखते ही देखते 15 मासूम और होनहार जिंदगियों को लील लिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है। प्रशासन अब हरकत में आया है और दोषियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है।

 

हादसे के बाद मंगलवार को अलीगंज इलाके में एक अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय बाजार पूरी तरह से बंद हैं। इस व्यावसायिक क्षेत्र की सबसे बड़ी चिंता यह है कि यहां कई दुकानों के ऊपर ही लोग सपरिवार रहते हैं। घटना के बाद से स्थानीय निवासियों के मन में गहरा डर बैठ गया है। हर कोई इस बात से आशंकित है कि उनके आस-पास चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठान कितने सुरक्षित हैं।

 

घटना की उच्चस्तरीय जांच के लिए गठित एसआईटी और फोरेंसिक टीमें मंगलवार सुबह ही मौके पर पहुंच गईं। इमारत फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य सुरक्षित रखने के लिए पूरी बिल्डिंग को सील कर दिया है।

टीम मलबे और जले हुए हिस्सों से सबूत जुटा रही है। हालांकि आधिकारिक रिपोर्ट आना अभी बाकी है, लेकिन प्रारंभिक जांच में अंदेशा जताया जा रहा है कि यह हादसा एसी एसी से फटने की वजह से हुआ, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।

 

इस तीन मंजिला इमारत में मौत का सामान बिखरा हुआ था। बिल्डिंग में तीन मुख्य प्रतिष्ठान संचालित हो रहे थे। ग्राउंड फ्लोर पर अलीगंज पेट शॉप एंड क्लिनिक। यहाँ लोग अपने पालतू जानवरों को किराये (बोर्डिंग) पर भी छोड़ते थे। हैक्सर स्टूडियो । एक कोचिंग सेंटर, जहाँ रोजाना 30 से 40 छात्र अपने भविष्य को संवारने आते थे।

 

इन तीनों ही प्रतिष्ठानों में सुरक्षा के न्यूनतम मानक भी मौजूद नहीं थे। पूरी बिल्डिंग में न तो कोई स्मोक डिटेक्टर लगा था और न ही आग बुझाने के लिए फायर एक्सस्टिंग्यूशर (अग्निशामक यंत्र) की व्यवस्था थी।

 

बिल्डिंग के मालिक वीरेंद्र शुक्ला ने पैसों के लालच में सुरक्षा नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया था। बिल्डिंग का निर्माण अवैध तरीके से किया गया था। फायर विभाग से कोई एनओसी (NOC) नहीं ली गई थी।

 

सबसे खतरनाक : आने जाने का एक एक ही रास्ता होना

सबसे घातक बात यह थी कि इस पूरी इमारत में आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था। जब आग लगी, तो सीढ़ियों पर धुआं भर गया और बच्चों को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला, जिससे वे भीतर ही फंस गए।

 

जेपीसी बबलू कुमार का सख्त रुख: ‘दोषी बचेंगे नहीं’

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) बब्लू कुमार ने सख्त लहजे में कहा है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

 

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मकान मालिक वीरेंद्र शुक्ला और तीनों प्रतिष्ठानों के मालिकों सहित कुल चार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। जेपीसी ने साफ किया कि पुलिस हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है और कोर्ट के जरिए इन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

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