Lucknow : राजधानी लखनऊ को दहला देने वाले भीषण अग्निकांड के गुनाहगारों को बेनकाब करने के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस महासाजिश और लापरवाही की तह तक जाने के लिए एसआईटी की टीम आज केजीएमयू के ट्रामा सेंटर पहुंची। यहाँ बंद कमरे में करीब डेढ़ घंटे तक चली मैराथन पूछताछ के बाद टीम बाहर निकली। जांच का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमृत अभिजात और एडीजी प्रवीण कुमार ने मीडिया से रूबरू होते हुए साफ कर दिया कि इस खूनी लापरवाही के पीछे जिम्मेदार किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह सरकारी महकमे का हो या फिर प्राइवेट सेक्टर का।
बंद कमरे में डेढ़ घंटे तक चली पूछताछ, घायलों और परिजनों से जाना मंजर
हादसे की कड़वी सच्चाई और उस खौफनाक मंजर की हकीकत जानने के लिए एसआईटी की टीम सीधे ट्रामा सेंटर में भर्ती घायलों और उनके तीमारदारों के पास पहुंची। आईएएस अमृत अभिजात ने बताया कि टीम ने एक-एक पीड़ित से बात की है। उनसे पूछा गया कि आखिर वह खौफनाक हादसा अचानक कैसे हुआ? जब आग लगी तब वहां क्या स्थिति थी? घायलों के बयानों को बेहद बारीकी से दर्ज किया गया है ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके। इस दौरान पीड़ित परिवारों का दर्द और गुस्सा भी प्रशासनिक टीम के सामने छलक उठा।
बिल्डिंग के सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल, रडार पर आए कई सरकारी विभाग
मीडिया से बातचीत के दौरान आईएएस अमृत अभिजात ने साफ तौर पर कहा कि जांच का मुख्य फोकस उस बिल्डिंग के सुरक्षा मानकों को लेकर है। उन्होंने कहा, हमारी इन्वेस्टिगेशन अभी पूरी तरह जारी है। इस मामले में कौन-कौन से सरकारी विभाग दोषी हैं, जिन्होंने मानकों की अनदेखी कर इस मौत की इमारत को हरी झंडी दी, उन सभी पर जांच की तलवार लटकी है। पूरी पड़ताल और साक्ष्यों को खंगालने के बाद ही टीम किसी अंतिम निर्णय पर पहुंचेगी।
सरकारी हो या प्राइवेट… कोई दोषी बचेगा नहीं, एडीजी प्रवीण कुमार की दो टूक
वहीं, एसआईटी के सदस्य एडीजी प्रवीण कुमार ने सख्त लहजे में कहा कि इस मामले की जांच को किसी भी दबाव में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मीडिया से कहा, “हमारी टीम हर एक छोटे-बड़े पहलू पर बेहद बारीकी से काम कर रही है। इस अग्निकांड के पीछे चाहे सरकारी अधिकारी हों या प्राइवेट लोग, सभी की भूमिका की गहनता से जांच होगी। हम मामले की आखिरी तह तक जाएंगे और असल दोषियों को पाताल से भी खोज निकालेंगे। लखनऊ में आगे कभी दोबारा ऐसी भयावह स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए मिसाल बनने वाली सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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