मप्र के भोपाल में निजी कंपनी के ठिकानों पर ईडी का छापा, 200 करोड़ की गड़बड़ी के आरोप

भोपाल : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने मंगलवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल मे एक निजी कंपनी के शैक्षणिक संस्थानों और उससे जुड़े ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई शुरू की है। कंपनी द्वारा 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित वित्तीय हेराफेरी उजागर होने के बाद ईडी की टीम भोपाल सहित ग्रुप के अन्य परिसरों और संबंधित स्थानों पर दस्तावेजों की जांच कर रही है।

 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी यह जांच कर रहे हैं कि अलग-अलग खातों, संस्थाओं और कंपनियों के बीच पैसे कैसे ट्रांसफर हुए। कार्रवाई केवल भोपाल तक सीमित नहीं है। मामले से जुड़े अन्य परिसरों, संस्थानों और ठिकानों पर भी जांच जारी है। ईडी वित्तीय दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, अकाउंट स्टेटमेंट, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। हालांकि, ईडी ने अभी आधिकारिक तौर पर डिटेल जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

 

जानकारी मिली है कि निजी कंपनी के खिलाफ मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने 200 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं का प्रकरण दर्ज किया था। ईओडब्ल्यू की एफआईआर के बाद मामला प्रवर्तन निदेशालय के संज्ञान में आया। कथित वित्तीय अनियमितताओं और धन के प्रवाह से जुड़े मामले में ईडी ने भी जांच शुरू की। संबंधित परिसरों में सर्च ऑपरेशन जारी है।

 

बताया जा रहा है कि ईओडब्ल्यू की जांच में छात्रों की फीस, छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) और शिक्षा ऋण (एजुकेशनल लोन) से जुड़े वित्तीय लेनदेन में कथित अनियमितताएं सामने आई थीं। इन मदों में करीब 200 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का आरोप है। आरोप है कि छात्रों से बस शुल्क, हॉस्टल फीस और अन्य मदों में वसूली गई राशि निजी खातों में ट्रांसफर की गई। छात्रों की स्कॉलरशिप राशि निर्धारित खातों में जमा करने के बजाय अन्य कंपनियों के खातों में भेजी गई।

 

जांच में यह आरोप भी शामिल है कि शिक्षा और संस्थागत गतिविधियों के लिए लिए गए बड़े बैंक लोन का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के बजाय अन्य कार्यों में किया गया। आरोप है कि लोन का इस्तेमाल निजी संपत्तियां खड़ी करने और परिवार से जुड़े हितों के लिए किया गया। हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है।

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