नई दिल्ली : महाराष्ट्र के डोंबिवली स्थित शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मी पर हुए हिंसक हमले की फैकल्टी एसोसिएशन ऑफ एम्स (फेम्स) ने निंदा करते हुए शिवसेना के पार्षद और उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में संगठन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग की है।
फेम्स के अध्यक्ष डॉ. अमरिंदर सिंह मल्ही ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि किसी भी स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ होने वाली हिंसा केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है बल्कि यह पूरे देश के स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में विभिन्न चिकित्सा संगठनों ने स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर सेंट्रल प्रोटेक्शन बिल का मसौदा तैयार किया था। इस प्रस्तावित कानून में स्वास्थ्यकर्मियों पर हिंसा से जुड़े मामलों को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध घोषित करने का प्रावधान शामिल है, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि आगामी संसद सत्र में इस विधेयक को पारित किया जाता है तो इससे स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षा मिलेगी और पूरे समाज को भी इसका लाभ होगा।
उल्लेखनीय है कि कल्याण-डोंबिवली नगर निगम स्थित अस्पताल में एक गर्भवती मरीज को रेफर करने को लेकर विवाद के बाद स्थानीय शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों ने डॉक्टरों और नर्सों पर हमला कर दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
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