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ब्रिटिश रक्षा मंत्री का आरोप, सीतारमण के व्‍यवहार को देख वार्ता को किया रद्द

ब्रिटिश रक्षा मंत्री गेविन विलियमसन पर अपनी भारतीय समकक्ष निर्मला सीतारमण को महत्व न देने का आरोप लगा है। इसके चलते विलियमसन कैबिनेट के अपने साथियों के निशाने पर आ गए हैं। सीतारमण हाल में ब्रिटेन-भारत सप्ताह में भाग लेने के लिए लंदन गई थीं। द संडे टाइम्स के अनुसार निर्मला सीतारमण 20 से 22 जून तक ब्रिटेन के दौरे पर थीं। इस दौरान उनसे मुलाकात के लिए भारतीय अधिकारियों ने रक्षा मंत्री विलियमसन से समय निश्चित किया था, लेकिन ऐन मौके पर विलियमसन ने यह मुलाकात रद कर दी। इस पर उनके साथी विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन और एक अन्य मंत्री ने सवाल उठाया है। विलियमसन को भारत और सीतारमण के महत्व के बारे में बताया। बताया कि भारत दुनिया में तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था है जिसका रक्षा बजट 50 अरब डॉलर का है। ऐसे में उसकी अनदेखी करना उचित नहीं है। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इस मीडिया रिपोर्ट या विलियमसन के मुलाकात रद्द करने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की है, लेकिन रक्षा संबंधों पर अगले सप्ताह ब्रिटेन के साथ होने वाली वार्ता रद्द कर दी है। उल्लेखनीय है कि भारत ब्रिटेन का 17 वां सबसे बड़ा व्यापार सहयोगी है। दोनों देशों के बीच बीते वित्त वर्ष में 16 अरब पाउंड (1.45 लाख करोड़ रुपये) का कारोबार हुआ। लंदन और बकिंघमशायर में 18 से 22 जून तक ब्रिटेन-इंडिया वीक आयोजित करने वाले मनोज लाडवा ने कहा है कि विलियमसन अगर सीतारमण से मुलाकात करते तो अच्छा होता। यह मुलाकात न होने से कुछ नुकसान तो हुआ।

ब्रिटिश रक्षा मंत्री गेविन विलियमसन पर अपनी भारतीय समकक्ष निर्मला सीतारमण को महत्व न देने का आरोप लगा है। इसके चलते विलियमसन कैबिनेट के अपने साथियों के निशाने पर आ गए हैं। सीतारमण हाल में ब्रिटेन-भारत सप्ताह में भाग लेने …

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आतंकी हमले के बाद अफगानी सिख बोले, अब हम यहां नहीं रह सकते

अफगानिस्तान के पूर्वी शहर जलालाबाद में रविवार को हिंदू-सिख समुदाय पर हुए आत्मघाती हमले के बाद अल्पसंख्यक सिख समुदाय के लोग देश छोड़कर भारत जाने पर विचार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे अब अफगानिस्तान में नहीं रह सकते। इस हमले में अक्टूबर में होने वाले संसदीय चुनाव के एक मात्र सिख उम्मीदवार अवतार सिंह खालसा और समुदाय के प्रमुख कार्यकर्ता रवैल सिंह भी मारे गए। अफगानिस्तान में "नेशनल पैनल ऑफ हिंदू एंड सिख" के सचिव तेजवीर सिंह (35) ने कहा, "मेरा स्पष्ट मत है कि अब हम यहां नहीं रह सकते। इस्लामी आतंकवादी हमारी धार्मिक मान्यताओं को सहन नहीं करेंगे। हम अफगानी हैं। सरकार हमें मान्यता देती है, लेकिन आतंकवादी हमें निशाना बनाते हैं क्योंकि हम मुस्लिम नहीं हैं।" तेजवीर के अंकल भी रविवार को हुए हमले में मारे गए हैं। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान में अब सिख परिवार 300 से भी कम रह गए हैं। सिखों के देश में सिर्फ दो ही गुरुद्वारे हैं। एक जलालाबाद में तो दूसरा राजधानी काबुल में। 1990 में गृह युद्ध शुरू होने से पहले अफगानिस्तान में करीब 2.5 लाख हिंदू और सिख रह रहे थे। यहां तक कि एक दशक पहले तक अमेरिकी विदेश विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक वहां लगभग तीन हजार हिंदू और सिख रह रहे थे। लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व और धार्मिक आजादी के बावजूद इस्लामी आतंकी समूहों की ओर से उन्हें पूर्वाग्रह, उत्पीड़न और हिंसा का सामना करना पड़ा। लिहाजा समुदाय के हजारों लोग भारत पलायन कर गए। जलालाबाद में किताबों और कपड़ों की दुकान चलाने वाले बलदेव सिंह कहते हैं, "हमारे पास दो विकल्प हैं, या तो भारत चले जाएं या इस्लाम अपना लें। "हम कायर नहीं" हालांकि, कुछ सिखों का अफगानिस्तान छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। उनमें से एक, और काबुल में दुकान चलाने वाले संदीप सिंह ने कहा, "हम कायर नहीं हैं। अफगानिस्तान हमारा देश है और हम कहीं नहीं जा रहे हैं।" आईएस ने ली जिम्मेदारी रविवार को हुए हमला आतंकी संगठन "इस्लामिक स्टेट" (आईएस) ने किया था। संगठन ने सोमवार को एक बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली। "अशरफ गनी को मौत, सरकार को मौत" के लगे नारे हमले में मारे गए लोगों के ताबूत सोमवार को जब एंबुलेंस में रखे जा रहे थे तो समुदाय के शोकाकुल लोगों ने "अशरफ गनी को मौत, सरकार को मौत" के नारे लगाए। अवतार सिंह के पुत्र नरेंद्र सिंह ने कहा, "इस हमले में हमारे कई ऐसे बुजुर्ग मारे गए जो अपने देश को किसी भी अन्य चीज से ज्यादा प्यार करते थे। हम प्रत्यक्ष निशाना थे। लेकिन सरकार वास्तव में हमारी कोई परवाह नहीं करती।" अफगानी राष्ट्रपति ने जताया शोक अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने हमले में मारे गए हिंदू-सिखों के परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त कीा है। उन्होंने कहा, "जलालाबाद हमले में मारे गए हमारे अफगान नागरिकों के परिवारों के लिए हमारे दिलों में बेहद दुःख है। हमारे स्वाभिमानी और उदार अफगान सिखों के निधन से मैं बेहद दुखी हूं। उनमें से कई से मुझे कई बार बातचीत का सम्मान मिला था। मैं अपने साथी अफगान नागरिकों से कहना चाहता हूं कि वे जरूरतमंदों की ओर मदद का हाथ बढ़ाएं। इस मुश्किल वक्त से निकलने में मदद के लिए मैं हर मुमकिन कार्य करूंगा।"

अफगानिस्तान के पूर्वी शहर जलालाबाद में रविवार को हिंदू-सिख समुदाय पर हुए आत्मघाती हमले के बाद अल्पसंख्यक सिख समुदाय के लोग देश छोड़कर भारत जाने पर विचार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे अब अफगानिस्तान में नहीं रह …

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भुट्टो के बाद अब शरीफ को खत्म करना चाहती है पाकिस्तान सेना

पाकिस्तान में 25 जुलाई को चुनाव होने वाले हैं. सभी राजनीतिक दल अपने-अपने तरीकों से मतदाताओं प्रभावित करने मे लगी हैं. लेकिन इस चुनावी सरगर्मी के बीच एक अदृश्य ताकत भी है जो पाकिस्तान के चुनाव परिणामों पर बड़ा असर डाल सकती है. हम बात कर रहे हैं पाकिस्तान के 'डीप स्टेट' की. दरअसल 'डीप स्टेट' किसी भी राज्य की वो अवधारणा है जिसमें सेना, खुफिया विभाग और नौकरशाही परदे के पीछे से राज्य की नीतियों को प्रभावित करते हैं. जबकि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार एक मुखौटा भर होती है. मेमोगेट स्कैंडल मे गिरफ्तारी का खतरा झेल रहे अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी का aajtak.in से बातचीत में कहना है कि इस बार पाकिस्तान चुनावों के इमानदारी से होने की संभावना कम है. पाकिस्तानी सेना वहां की न्यायपालिका की मदद से पंजाब प्रांत के सबसे ताकतवर नेता नवाज़ शरीफ की पीएमएल-एन की हार सुनिश्चित करने मे लगी है. पाकिस्तान की न्यायपालिका ने नवाज़ शरीफ को अयोग्य घोषित करने के साथ-साथ पीएमएल-एन के कई उम्मीद को अयोग्य घोषित कर दिया है. वहीं पाकिस्तानी सेना के खुफिया विभाग के अधिकारी पीएमएल-एन के बड़े नेताओं को पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ में शामिल धमकी दे रहे हैं. चुनावों के ठीक पहले मीडिया की आजादी पर भी लगाम लगा दी गई है. इसे पढ़े: चुनावी मोड में पाकिस्तान, शरीफ जीतेंगे या इमरान? हक्कानी का कहना है कि पाकिस्तान की सेना इस्लामाबाद मे ऐसी सरकार चाहती है जो सेना के हुक्मों पर चले न कि ऐसी सरकार जिसे जनता विश्वास प्राप्त है. हांलाकि पाकिस्तानी सेना के इस तरह के प्रयोग अब तक व्यर्थ ही गए हैं. पाकिस्तान के राजनीतिक इतिहास पर प्रकाश डालते हुए हक्कानी कहते हैं कि जब 1970 में पाकिस्तान के पहले आम चुनावों में पूर्वी पाकिस्तान की आवामी लीग के नेता शेख़ मुजीबुर रहमान ने रिकार्ड बहुमत हासिल किया तो पाकिस्तानी सेना के वेजह हस्तक्षेप के कारण ही बांग्लादेश बना और पाक के दो टुकड़े हो गए. इसके बाद 90 के दशक में सेना की पूरी ताकत पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की अध्यक्षता वाली पाकिस्तान पिपुल्स पार्टी (पीपीपी) की बढ़ती लोकप्रियता को कमतर करने में लगी रही. जिस के लिए भुट्टो के बरक्स सेना ने नवाज़ शरीफ को खड़ा किया. ह्क्कानी कहते हैं कि अब तीन दशक बाद जब सेना पीपीपी के प्रभाव को लगभग खत्म कर चुकी है तो उसने खुद के द्वारा खड़ा किये हुए नवाज़ शरीफ की पीएमएल-एन को खत्म करने मे अपनी पूरी ताकत झोक दी है. हक्कानी का कहना है कि 25 जुलाई को होने वाले चुनावो का परिणाम जो भी हो लेकिन स्वभाविक तौर पर ये पाकिस्तान में अस्थिरता लाएगा. अगर डीप स्टेट के पिट्ठू पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ और उसके सहयोगी जीत भी जाते हैं तो उनकी कोई विश्वसनियता नही होगी. लिहाजा इस चुनाव मे जीते कोई भी लेकिन हार पाकिस्तान की जनता और लोकतंत्र की होगी.पाकिस्तान में 25 जुलाई को चुनाव होने वाले हैं. सभी राजनीतिक दल अपने-अपने तरीकों से मतदाताओं प्रभावित करने मे लगी हैं. लेकिन इस चुनावी सरगर्मी के बीच एक अदृश्य ताकत भी है जो पाकिस्तान के चुनाव परिणामों पर बड़ा असर डाल सकती है. हम बात कर रहे हैं पाकिस्तान के 'डीप स्टेट' की. दरअसल 'डीप स्टेट' किसी भी राज्य की वो अवधारणा है जिसमें सेना, खुफिया विभाग और नौकरशाही परदे के पीछे से राज्य की नीतियों को प्रभावित करते हैं. जबकि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार एक मुखौटा भर होती है. मेमोगेट स्कैंडल मे गिरफ्तारी का खतरा झेल रहे अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी का aajtak.in से बातचीत में कहना है कि इस बार पाकिस्तान चुनावों के इमानदारी से होने की संभावना कम है. पाकिस्तानी सेना वहां की न्यायपालिका की मदद से पंजाब प्रांत के सबसे ताकतवर नेता नवाज़ शरीफ की पीएमएल-एन की हार सुनिश्चित करने मे लगी है. पाकिस्तान की न्यायपालिका ने नवाज़ शरीफ को अयोग्य घोषित करने के साथ-साथ पीएमएल-एन के कई उम्मीद को अयोग्य घोषित कर दिया है. वहीं पाकिस्तानी सेना के खुफिया विभाग के अधिकारी पीएमएल-एन के बड़े नेताओं को पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ में शामिल धमकी दे रहे हैं. चुनावों के ठीक पहले मीडिया की आजादी पर भी लगाम लगा दी गई है. इसे पढ़े: चुनावी मोड में पाकिस्तान, शरीफ जीतेंगे या इमरान? हक्कानी का कहना है कि पाकिस्तान की सेना इस्लामाबाद मे ऐसी सरकार चाहती है जो सेना के हुक्मों पर चले न कि ऐसी सरकार जिसे जनता विश्वास प्राप्त है. हांलाकि पाकिस्तानी सेना के इस तरह के प्रयोग अब तक व्यर्थ ही गए हैं. पाकिस्तान के राजनीतिक इतिहास पर प्रकाश डालते हुए हक्कानी कहते हैं कि जब 1970 में पाकिस्तान के पहले आम चुनावों में पूर्वी पाकिस्तान की आवामी लीग के नेता शेख़ मुजीबुर रहमान ने रिकार्ड बहुमत हासिल किया तो पाकिस्तानी सेना के वेजह हस्तक्षेप के कारण ही बांग्लादेश बना और पाक के दो टुकड़े हो गए. इसके बाद 90 के दशक में सेना की पूरी ताकत पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की अध्यक्षता वाली पाकिस्तान पिपुल्स पार्टी (पीपीपी) की बढ़ती लोकप्रियता को कमतर करने में लगी रही. जिस के लिए भुट्टो के बरक्स सेना ने नवाज़ शरीफ को खड़ा किया. ह्क्कानी कहते हैं कि अब तीन दशक बाद जब सेना पीपीपी के प्रभाव को लगभग खत्म कर चुकी है तो उसने खुद के द्वारा खड़ा किये हुए नवाज़ शरीफ की पीएमएल-एन को खत्म करने मे अपनी पूरी ताकत झोक दी है. हक्कानी का कहना है कि 25 जुलाई को होने वाले चुनावो का परिणाम जो भी हो लेकिन स्वभाविक तौर पर ये पाकिस्तान में अस्थिरता लाएगा. अगर डीप स्टेट के पिट्ठू पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ और उसके सहयोगी जीत भी जाते हैं तो उनकी कोई विश्वसनियता नही होगी. लिहाजा इस चुनाव मे जीते कोई भी लेकिन हार पाकिस्तान की जनता और लोकतंत्र की होगी.

पाकिस्तान में 25 जुलाई को चुनाव होने वाले हैं. सभी राजनीतिक दल अपने-अपने तरीकों से मतदाताओं प्रभावित करने मे लगी हैं. लेकिन इस चुनावी सरगर्मी के बीच एक अदृश्य ताकत भी है जो पाकिस्तान के चुनाव परिणामों पर बड़ा असर …

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बारिश का कहर: दिल्ली में घर का हिस्सा गिरने से बाइक सवार की मौत, देश के 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मानसून आने के बाद से लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन बारिश साथ में आफत भी लेकर आई है. दिल्ली में कल आंधी और तेज हवा चली. इससे नरेला में एक निर्माणाधीन मकान की पांचवी मंजिल का हिस्सा सड़क पर गिर गया. इस वजह से सड़क पर गुजर रहे एक बाइक सवार की मौत हो गई. मौसम विभाग ने देश के बीस राज्यों में भारी बारिश का अनुमान जताया है. 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब और केरल समेत 20 राज्यों में भारी बारिश हो सकती है. कई शहरों में पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुसीबत बड़ा रखी हैं. अगर अगले दो तीन दिन लगातार बारिश होती है तो लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. दिल्ली में आज भी बारिश का अनुमान दिल्ली में कल रात करीब आठ बजे कुछ इलाकों में बारिश हुई. मौसम विभाग ने आज आसमान में आंशिक रूप से बादल छाये रहने के साथ ही शाम के समय कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई है. अधिकारी ने बताया है कि आज दिल्ली का अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 38 और 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है. यूपी के मुरादाबाद में गिरे पेड़ और बिजली के खंभे यूपी के मुरादाबाद में भी आंधी तूफान बारिश से बुरा हाल हुआ है. यहां के कटघर इलाके में आंधी की वजहे से कई पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए. यूपी में बिजली के खम्बे गिरने से तीन जिलों में अबतक दस लोगों की मौत हो गई. तबाही का आलम यह है कि बारिश आंधी आते ही सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ जाते हैं. झारखण्ड में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत झारखण्ड के दुमका जिले में अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि शिकारीपारा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में ये घटनाएं हुई हैं. पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मनोज कुमार ठाकुर ने बताया कि लतबेधा में 25 साल के एक व्यक्ति की मौत उस समय हो गई जब वह एक तालाब में मछली पकड़ रहा था. वहीं, एक अन्य घटना में भलपहाड़ी गांव में 55 साल के एक व्यक्ति की मौत उस दौरान हो गयी जब वह मवेशी चरा रहा था. असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर, अबतक 32 की मौत असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को केंद्र की तरफ से हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है. इस भयावह बाढ़ से इन पांच जिलों के 63,000 से ज्यादा लोग अभी भी प्रभावित है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है. बाढ़ से अब तक 32 लोगों की जान जा चुकी है

मानसून आने के बाद से लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन बारिश साथ में आफत भी लेकर आई है. दिल्ली में कल आंधी और तेज हवा चली. इससे नरेला में एक निर्माणाधीन मकान की पांचवी मंजिल …

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सीरियल किलर बनता जा रहा WhatsApp, अब तक ले चुका 27 की जान

व्हाट्सएप आज बड़े काम का हो गया है, लेकिन हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई कुछ घटनाओं से इसके साइड इफेक्ट भी सामने आए हैं। व्हाट्सएप पर फैली अफवाहों के बाद लोगों को निशाना बनाने के मामले तेजी से बढ़े हैं। बीती एक जुलाई को महाराष्ट्र में बच्चाचोरी के शक में भीड़ ने पांच लोगों को पीट-पीट कर मार डाला। तमिलनाडु और मध्यप्रदेश में भी ऐसे मामले सामने आए हैं। मई 2017 से अब तक 27 लोगों की हत्या - व्हाट्सएप पर अफवाह फैलने के बाद भीड़ द्वारा निर्दोष लोगों को निशाना बनाए जाने का पहला मामला झारखंड में आया था। मई 2017 में बच्चाचोरी की आशंका में सात लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतकों में दो भाई भी थे। - पिछले हफ्ते ही त्रिपुरा में भीड़ ने बच्चा चोरी के शक में उस शख्स की हत्या कर दी थी, जिसे सरकार ने लोगों को ये समझाने के लिए नियुक्त किया था कि वो अफवाहों पर ध्यान न दें। इसके बाद राज्य में दो दिन के लिए इंटरनेट पर रोक भी लगा दी गई थी। इस मुद्दे पर राज्य में जमकर सियासत भी हो रही है। कांग्रेस जहां राज्य की भाजपा सरकार को इन मौतों के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है तो वहीं सीएम बिप्लब देव सीधे विपक्षी दलों पर सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगा रहे हैं। - तमिलनाडु में त्रिची जिले के पेरूमामपट्टी गांव में भी भीड़ का ऐसी ही उन्माद नजर आया था। यहां लोगों ने दो लोगों को घेरकर मारपीट शुरू कर दी थी। गमीमत रही कि वे बचकर निकलने में कामयाब रहे। - मध्यप्रदेश के सिंगरौली में ऐसा ही मामला सामने आया था। पीड़ित युवक नाच-गाने का काम करता है और घटना के समय वह महिला के वेश में कार्यक्रम से लौट रहा था। पहनावा देख लोगों ने बच्चा चोर समझकर पीटना शुरू कर दिया। पुलिस ने युवक को बच्चा चोर नहीं माना है। (सिंगरौली में कन्हैया नामके इस शख्स को भीड़ ने निशाना बनाया।) लोकसभा में भी उठा था मामला मॉब लिंचिंग का मुद्दा लोकसभा तक पहुंच चुका है। विपक्ष ने इस पर हंगामा करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष के नात मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में बोलते हुए कहा कि झारखंड और मध्य प्रदेश मॉब लिंचिंग के गढ़ बन गए हैं। देश में डर और आतंक का माहौल है। वहीं भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि खड़गे जिन मामलों की बात कर रहे हैं वो पहले से ही कोर्ट में हैं तो फिर वो यह सब यहां क्यों सुना रहे हैं। अब तक 27 को उतारा जा चुका मौत के घाट सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई तो होगी गिरफ्तारी सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले सावधान हो जाएं। अब उनके खिलाफ केस दर्ज हो सकता है और जेल की हवा खाना पड़ सकती है। गुजरात में ऐसा ही हुआ है। यह पहला मौका है जब सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में किसी शख्स को गिरफ्तार किया गया हो। पुलिस ने सुरेश प्रजापति के खिलाफ केस किया है, जिसने अहमदाबाद में बच्चा चोरी गैंग सक्रिय होने का झूठ फैलाया था। एडि. कमिश्नर पुलिस अशोक यादव के मुताबिक, जिस समय पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, उस समय वह कुछ लोगों को इकट्ठा कर कथित बच्चा चोर गैंग का वीडियो दिखा रहा था। उस पर आईपीसी की धारा 505 के तहत केस किया गया है। बकौल यादव, हमारा पुलिस दल इलाके में गश्त दे रहा था। तभी देखा कि एक जगह लोगों की भीड़ जमा है। पुलिस ने पाया कि प्रजापति झूठ फैला रहा है। उसे वह वीडियो अज्ञात नंबर व्हाट्सएप पर आया था और उसने खुद भी कई लोगों को फॉरवर्ड किया था। वहीं प्रजापति का कहना है कि उसे जानकारी नहीं थी कि ऐसे वीडियो को सोशल मीडिया पर फैलाना अपराध है। जैसे ही पता चला, उसने सभी ग्रुप से वीडियो डिलीट कर दिया। मालूम हो, बीते दिनों ऐसी ही अफवाहों के चलते मंगलवार को लोगों ने एक महिला और तीन अन्य को बच्चा चोर समझ लिया और सरे राह पिटाई कर दी। इस मामले में भी पुलिस जांच कर रही है।

व्हाट्सएप आज बड़े काम का हो गया है, लेकिन हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई कुछ घटनाओं से इसके साइड इफेक्ट भी सामने आए हैं। व्हाट्सएप पर फैली अफवाहों के बाद लोगों को निशाना बनाने के …

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खराब मौसम के चलते मानसरोवर तीर्थयात्री नेपाल में फंसे

खराब मौसम के चलते मानसरोवर तीर्थयात्री नेपाल में फंसे

मानसरोवर की यात्रा से लौट रहे तीर्थयात्री नेपाल के नेपालगंज और सिमिकोट में खराब मौसम के चलते फंस गए हैं. इन तीर्थयात्रियों की वहां से निकालने की पूरी कोशिश की जा रही है. इसके साथ ही चिकित्सा सुविधा और खाने-पीने …

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राजमाता के निधन से जोधपुर गमगीन

राजमाता के निधन से जोधपुर गमगीन

जोधपुर की पूर्व राजमाता एवं पूर्व सांसद कृष्णा कुमारी का सोमवार रात डेढ़ बजे एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया है. इस बात की खबर ने जोधपुर शहर में शोक की लहर दौड़ा दी है. वे …

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भारी बारिश के चलते मुंबई में जीवन अस्त-व्यस्त

भारी बारिश से मुंबई एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही प्रभावित हुई है. शहर में भी कई जगहों पर पानी भर चूका है. भारी बारिश के चलते जान-जीवन अस्त-व्यस्त हो चूका है. साथ ही बता दें कि मुंबई में पिछले 18 घंटे में 90 एमएम पानी बरसा है. चेतावनी दी गई है कि आने वाले दो दिनों में भी भारी बारिश होगी. सायना और कुर्ला इलाके में पानी भर गया है. वहीं. अंधेरी ईस्ट-वेस्ट को जोड़ने वाली फुट ओवर ब्रिज पुल का हिस्सा गिर गया है. बता दें कि भारी बारिश के बीच सेंट्रल रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर ने कहा है कि सेंट्रल रेलवे लाइन पर ट्रेन सामान्य रूप से चल रही हैं. अंधेरी और विले पर्ले के बीच टेक्निकल खराबी की वजह से पश्चिमी उपनगरीय लाइन पर ट्रेन सेवा प्रभावित हुई है. साथ ही यहाँ पर पुल का हिस्सा गिरने के बाद दादर में प्लेटफॉर्म नंबर 1,3 और 5 पर कोई भी ट्रेन नहीं चल पा रही है. मुंबई में अंधेरी ईस्ट से अंधेरी वेस्ट को जोड़ने वाला गोखले पुल गिर गया है. हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है. मोसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले दो दिन भारी बारिश से लोग संभल कर रहे.

भारी बारिश से मुंबई एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही प्रभावित हुई है. शहर में भी कई जगहों पर पानी भर चूका है. भारी बारिश के चलते जान-जीवन अस्त-व्यस्त हो चूका है. साथ ही बता दें कि मुंबई में पिछले 18 …

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संजू’ ने रच दिया इतिहास, बनी एक दिन में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म

रणबीर कपूर की 'संजू' ने इतिहास रच दिया है। संडे को इसने जो कमाई की है वो आज तक भारतीय फिल्म इतिहास में किसी फिल्म को नसीब नहीं हुई। संडे को इसने 46.71 करोड़ रुपए कमाए। यह रकम भारत में कभी किसी फिल्म को एक दिन में नहीं मिली। 'बाहुबली 2' ने अपने पहले संडे को 46.50 करोड़ रुपए कमाए थे। यह रिकॉर्ड एक साल में ही 'संजू' ने तोड़ दिया। अब 'संजू' की तीन दिन की कमाई 120.06 करोड़ रुपए है। पहले दिन 'संजू' ने लगभग 35 करोड़ रुपए कमा लिए थे। रणबीर कपूर की 'संजू' ने तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त किए थे और भारत की सबसे बड़ी ओपनिंग(बिना छुट्टी वाले दिन की) हासिल करने वाली फिल्म बन गई थी। सलमान की फिल्म 'टाइगर जिंदा है' ने पहले दिन 34.10 करोड़ रुपए पहले दिन कमाए थे, यह भी छुट्टी का दिन नहीं था। रणबीर की फिल्म ने 34.75 कमाए हैं। शनिवार को इसे 38.60 करोड़ रुपए मिले थे और अब संडे कमाल का रहा। वैसे फिल्म को मिले-जुले रिव्यूज मिले हैं। यह राजकुमार हिरानी की पिछली फिल्मों से अलग है। कई समीक्षाओं में इसे उनकी सबसे कमजोर फिल्म बताया गया है। संजय दत्त की केवल दो बुराइयों पर यह फोकस करती है। ड्रग्स और टाडा के दाग को यहां साफ करने की कोशिश की गई है। फिल्म के लिए माहौल काफी अच्छा बना तो इसके शो फुल चल रहे हैं। इसे बिना किसी शक के साल 2018 की सबसे बड़ी रिलीज कहा जा सकता है। 'संजू' की सबसे बड़ी ओपनिंग का इंतजाम फॉक्स स्टार स्टूडियोज ने किया ता। इसे 4000 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज किया है। इतनी तादाद पर यह फिल्म 48 करोड़ रोज तक कमा सकती है। फिल्म की लंबाई पौने तीन घंटे की है। इस वजह से शो कम ही है। एक दिन में एक स्क्रीन पर 5 शो की गुंजाइश बनती है, इसलिए टिकट महंगे हैं। यह भी संभावना है कि यह ज्यादा दिनों तक चले और एक स्तर पर रोज कमाई करती रहे। संजय दत्त इसमें अपनी कहानी खुद सुना रहे हैं। दीया मिर्जा, मनीषा कोइराला, अनुष्का शर्मा सबकी मौजूदगी इसे खास बनाती है। रणबीर कपूर सब पर भारी हैं। विक्की कौशल फिल्म में रणबीर कपूर के दोस्त का किरदार निभा रहे हैं। उनका रोल हर हीरोइन से ज्यादा है। विक्की ने किया भी बढ़िया है। रणबीर के बाद वे ही इस फिल्म में याद रहते हैं।

रणबीर कपूर की ‘संजू’ ने इतिहास रच दिया है। संडे को इसने जो कमाई की है वो आज तक भारतीय फिल्म इतिहास में किसी फिल्म को नसीब नहीं हुई। संडे को इसने 46.71 करोड़ रुपए कमाए। यह रकम भारत में …

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40 हजार फीट ऊंचाई से रणबीर के लिए ये क्या कह गए पापा ऋषि…

बता दें कि पापा की इस तारीफ से रणबीर भी काफी खुश हैं, क्योंकि यह शायद पहली बार है, जब ऋषि कपूर ने सार्वजनिक मंच पर अपने बेटे के काम की तारीफ की है। एक इंटरव्यू के दौरान रणबीर कपूर ने कहा भी था कि पापा कभी भी मेरे काम की तारीफ नहीं करते। अब ऐसे में उनका यह रिएक्शन रणबीर के लिए बहुत खास है।

रणबीर कपूर की फिल्म ‘संजू’ अपनी रिलीज के बाद से बॉक्स आॅफिस पर धमाल मचा रही है। इस फिल्म ने अपनी रिलीज के तीन दिन के भीतर ही कई रिकॉर्ड बना लिए हैं। फिल्म में रणबीर कपूर की अदाकारी की …

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