नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी सहायक भर्ती परीक्षा (Assistant Professor Recruitment Exam) को रद कर दिया है। राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा निरस्त होने की जानकारी दी है। आपको बता दें कि एसटीएफ को असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में धांधली और अवैध धन वसूली का पता चला था। यह बाद सीएम योगी और सरकार की नजर में आने के बाद इस एग्जाम को निरस्त करने की घोषणा की गई है।
नई डेट की घोषणा जल्द
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देशित किया है कि उपरोक्त परीक्षा का आयोजन जल्द से जल्द पूर्णतः निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित करवाया जाये। नई एग्जाम डेट की घोषणा आयोग की ओर से जल्द ही की जाएगी।
आयोग का कर्मचारी हुआ था घांधली में गिरफ्तार
इस परीक्षा में धांधली को लेकर एसटीएफ ने लखनऊ में केस दर्ज करवाया था। जांच में तत्कालीन आयोग के अध्यक्ष के गोपनीय सहायक अभियुक्त महबूब अली को गिरफ्तार किया गया था। जांच को निष्पक्ष बनाने के लिए आयोग के अध्यक्ष का इस्तीफा भी लिया गया था। पूछताछ के दौरान अभियुक्त महबूब अली ने स्वीकार किया कि उसके द्वारा मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान ही विभिन्न विषयों के प्रश्न पत्र निकाल लिए गए थे, जिन्हें उसने कई अभ्यर्थियों को विभिन्न माध्यमों से धन लेकर उपलब्ध कराया।
कब हुई थी परीक्षा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूपी असिस्टेंट प्रोफ़ेसर भर्ती परीक्षा का आयोजन राज्यभर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर 16 अप्रैल 2025 व 17 अप्रैल 2025 को हुई थी। इस भर्ती के माध्यम से कुल 1253 रिक्त पदों पर भर्ती की जानी थी जिसे अब रद कर दिया गया है।
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