मनामा : भारत के स्टार पैरा शटलर प्रमोद भगत ने बीडब्ल्यूएफ पैरा विश्व चैंपियनशिप में पुरुष एकल एसएल3 वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 37 वर्षीय भगत ने फाइनल में इंडोनेशिया के मुहम्मद अल इमरान को सीधे गेमों में 21-12, 21-18 से हराया।
यह भगत का विश्व चैंपियनशिप में लगातार चौथा एकल स्वर्ण और कुल मिलाकर छठा विश्व खिताब है। एसएल3 वर्ग उन खड़े होकर खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए होता है, जिनके निचले अंगों में गंभीर अक्षमता होती है। पांच वर्ष की उम्र में पोलियो से प्रभावित हुए भगत इससे पहले 2009, 2015, 2019, 2022 और 2024 में भी विश्व खिताब जीत चुके हैं।
इस जीत के साथ भगत ने चीन के दिग्गज लिन डैन को भी पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने सक्षम वर्ग में पांच पुरुष एकल विश्व खिताब जीते थे। भगत अब विश्व चैंपियनशिप इतिहास में सबसे सफल एकल खिलाड़ी बन गए हैं।
यह खिताब भगत के लिए खास इसलिए भी रहा क्योंकि उन्होंने हाल ही में बैडमिंटन विश्व महासंघ के डोपिंग रोधी ‘स्थान संबंधी सूचना’ नियम के उल्लंघन के कारण 18 महीने का प्रतिबंध झेला था, जिसकी वजह से वह 2024 पेरिस पैरालंपिक में हिस्सा नहीं ले सके थे।
युगल में भी स्वर्ण, भारत को कई पदक
भगत ने सुकांत कदम के साथ मिलकर पुरुष युगल एसएल3-एसएल4 वर्ग का खिताब भी जीता। शीर्ष वरीय भारतीय जोड़ी ने फाइनल में जे. डिल्ली और एन. शिवकुमार को 21-19, 21-16 से हराकर भगत के लिए ‘स्वर्णिम डबल’ पूरा किया।
अन्य मुकाबलों में एन. शिवकुमार पुरुष एकल एसएल4 वर्ग के फाइनल में फ्रांस के शीर्ष वरीय लुकास माजूर से 12-21, 21-19, 14-21 से हारकर उपविजेता रहे। महिला एकल एसयू5 वर्ग में शीर्ष वरीय एम. रामदास को चीन की यांग किउ शिया के खिलाफ 11-21, 11-21 से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
महिला एकल एसएच6 वर्ग में शीर्ष वरीय एन. सुमाथी शिवन को चीन की ली फेंग से 14-21, 21-12, 17-21 से कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा और वह भी उपविजेता रहीं।
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