नई दिल्ली : इंडियन गोल्फ प्रीमियर लीग (आईजीपीएल) ने भारतीय गोल्फ इतिहास के सबसे बड़े निजी निवेश की घोषणा करते हुए 10 फ्रेंचाइजी साझेदारों से 100 मिलियन डॉलर की पूंजी प्रतिबद्धता हासिल की है। प्रत्येक फ्रेंचाइजी ने अगले 10 वर्षों में लगभग 10 मिलियन डॉलर निवेश करने का संकल्प लिया है।
10 शहरों में अधिकार, देशव्यापी प्रतिनिधित्व
आईजीपीएल ने हैदराबाद, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, विशाखापत्तनम, गोवा, बेंगलुरु, पंजाब और गुरुग्राम को अधिकार प्रदान किए हैं। यह प्रारूप देश के प्रमुख महानगरों और उभरते क्षेत्रों तक पेशेवर गोल्फ को पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
250 मिलियन डॉलर का आधारभूत संरचना निवेश
लीग संचालन के अलावा साझेदारों ने दूसरे और तीसरे श्रेणी के शहरों तथा गांवों में 8–10 एकड़ के छोटे गोल्फ मैदान विकसित करने के लिए सामूहिक रूप से 250 मिलियन डॉलर निवेश का लक्ष्य रखा है। इसका उद्देश्य गोल्फ को पारंपरिक अभिजात्य दायरे से बाहर निकालकर आम लोगों तक पहुंचाना है।
तीन महाद्वीपों में विस्तार की योजना
आईजीपीएल अपने पहले ही वर्ष में भारत, अफ्रीका और मध्य-पूर्व सहित तीन महाद्वीपों में विस्तार की रणनीति के साथ शुरुआत करेगा। अगले तीन से चार वर्षों में पांच देशों में संचालन का लक्ष्य रखा गया है।
आईजीपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तम सिंह मुंडी ने कहा कि यह पारंपरिक खेल निवेश नहीं, बल्कि खेल के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का मंच है। उन्होंने कहा कि लीग केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक संपूर्ण गोल्फ तंत्र तैयार कर रही है।
जमीनी स्तर पर गोल्फ को बढ़ावा
आईजीपीएल ने भारतीय गोल्फ संघ, महिला गोल्फ संघ भारत, पेशेवर गोल्फर संघ भारत और गोल्फ फाउंडेशन के साथ मिलकर ‘गोल्फ विकास पहल’ शुरू की है। इसके तहत विद्यालयों और खेल मैदानों में गोल्फ को पहुंचाया जाएगा। लीग प्रारूप, प्रतियोगिता कार्यक्रम और खिलाड़ियों की नीलामी से जुड़ी जानकारी जल्द घोषित की जाएगी।
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