नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पर ग्रीन हाइड्रोजन, अमोनिया और अन्य तरल कार्गो के लिए 797.17 करोड़ रुपये की लागत से समर्पित जेट्टी और सहायक सुविधाओं के विकास को मंजूरी दी है। यह परियोजना पारादीप पोर्ट अथॉरिटी द्वारा बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर आधार पर विकसित की जाएगी।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार प्रस्तावित जेट्टी की कार्गो हैंडलिंग क्षमता चार मिलियन टन प्रतिवर्ष होगी। यह पारादीप बंदरगाह को ग्रीन ऊर्जा कार्गो के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परियोजना में जेट्टी, स्टोरेज सिस्टम, पाइपलाइन, हैंडलिंग उपकरण और अन्य संबंधित बुनियादी ढांचा शामिल होगा।
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि यह मंजूरी स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के बंदरगाहों को ग्रीन ग्रोथ और सतत लॉजिस्टिक्स के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार जेट्टी में तरल कार्गो जहाजों के सुरक्षित संचालन के लिए 14.3 मीटर की ड्रेजिंग गहराई और डॉल्फिन के बीच 279 मीटर की दूरी होगी। परियोजना लागत का 20 प्रतिशत यानी 159.43 करोड़ रुपये पूंजी सहायता के रूप में पारादीप पोर्ट अथॉरिटी द्वारा निर्माण चरण में प्रदान किया जाएगा। परियोजना के 24 महीने में पूरा होने की संभावना है।
सोनोवाल ने कहा कि यह जेट्टी ओडिशा के उभरते ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन केंद्रों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में मदद करेगी। इससे निवेश बढ़ेगा, रोजगार सृजित होंगे और पूर्वी भारत में ग्रीन ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा। —————
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