लखनऊ। इंस्टीट्यूट ऑफ करियर स्टडीज और अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज ने 10 मार्च, 2026 को सालाना तहरीम दास मेमोरियल डायलॉग का आयोजन किया था। डायलॉग का टाइटल था “टेक्नोलॉजी इनेबल्स, ह्यूमन वैल्यूज़ एम्पावर, एक सार्थक भविष्य के लिए AI के युग में जीवन के सबक”, प्रमुख वक्ताओं में श्रीमती बुलबुल गोदियाल, श्री किरण चोपड़ा और डॉ. माला मेहरा ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत गणमान्य लोगों द्वारा दीप प्रज्वलित करने के साथ हुई। अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज की मैनेजिंग कमेटी की प्रेसिडेंट सुश्री ज़रीन विक्काजी ने मेहमानों का स्वागत किया।
अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज की मैनेजिंग कमेटी की मैनेजर सेक्रेटरी प्रो. निशि पांडे ने श्रीमती तहरीम दास के जीवन और उपलब्धियों को याद किया। डॉ. अमृता दास ने पैनलिस्टों का परिचय कराया और बातचीत के उस पल के बारे में बात की जिसे पूरी मानव जाति टेक्नोलॉजी की तरक्की के कारण अनुभव कर रही है। मिसेज बुलबुल गोदियाल ने बातचीत की शुरुआत कानून के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल के खतरों के बारे में बताते हुए की।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल जानकारी इकट्ठा करने के लिए किया जा सकता है, लेकिन न्याय दिलाने के लिए इंसानी समझ बहुत ज़रूरी है। मिस्टर किरण चोपड़ा ने डेटा इकट्ठा करने और प्रोसेस करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर रोशनी डालते हुए बातचीत को आगे बढ़ाया। उन्होंने ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल की संभावनाओं के साथ-साथ खतरों के बारे में भी बात की। डॉ. माला मेहरा ने उस आसान समय को याद किया जब टेक्नोलॉजी इतनी हावी नहीं थी। उन्होंने इंसानी दखल और बातचीत के महत्व और सबसे बड़े होने के बारे में बात की। डॉ. मेहरा के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक मददगार टूल है और इसका इस्तेमाल सही तरीके से किया जाना चाहिए। इसके बाद डॉ. अमृता दास ने पैनलिस्ट के साथ एक दिलचस्प सवाल-जवाब सेशन किया। फिर दर्शकों के लिए एक इंटरैक्टिव सवाल-जवाब सेशन खोला गया। इसके बाद डॉ. श्रुति शुक्ला ने सहज योग का एक शांत करने वाला मेडिटेशन सेशन किया। प्रिंसिपल, प्रो. बीना राय ने औपचारिक धन्यवाद दिया। इसके बाद सुश्री कविता दास ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
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