Middle East : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज स्ट्रेट में ईरान की सख्त निगरानी के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ा था, जिससे भारत सहित कई देशों में ऊर्जा संकट की स्थिति बन गई थी। हालांकि अब भारत में हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। इसी कड़ी में अमेरिका के टेक्सास से एलपीजी लेकर आया एक बड़ा मालवाहक जहाज मैंगलोर बंदरगाह पर पहुंच गया है। इसके अलावा रूस का तेल टैंकर ‘एक्वा टाइटन’, जो मूल रूप से चीन जा रहा था, वह भी शनिवार को न्यू मैंगलोर बंदरगाह पहुंच गया। इन जहाजों के पहुंचने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
उधर, इस मुद्दे पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तेहरान हॉर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए दोबारा नहीं खोलता है, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट को पूरी तरह तबाह कर देगा। ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि वह तुरंत इस मार्ग को खोल दे, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो।
मिडिल ईस्ट में करीब तीन हफ्ते तक चले संघर्ष के कारण भारत की ऊर्जा आपूर्ति भी प्रभावित हुई थी। शुरुआती दिनों में घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए होटलों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को मिलने वाली एलपीजी आपूर्ति में कटौती कर दी गई थी। हालांकि अब हालात सुधरने लगे हैं और केंद्र सरकार ने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को कमर्शियल एलपीजी का 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन मंजूर कर दिया है, जिससे कुल आवंटन बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है। घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी और वैकल्पिक आपूर्ति के चलते देश में ऊर्जा की स्थिति अब धीरे-धीरे पटरी पर लौटती नजर आ रही है।
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