सैफ अंडर-20 चैंपियनशिप : भारतीय टीम के लिए अगले स्तर की तैयारी का अच्छा मौका : महेश गावली

माले (मालदीव) : सैफ अंडर-20 चैंपियनशिप भारतीय युवा फुटबॉल टीम के लिए अगले स्तर की तैयारी का अहम मंच साबित हो सकती है। भारतीय अंडर-20 पुरुष टीम के मुख्य कोच महेश गावली ने टूर्नामेंट को युवा खिलाड़ियों के विकास और सीनियर टीम की ओर उनके संक्रमण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बताया है।

 

मालदीव की राजधानी माले में आयोजित इस प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम पूरी तरह तैयार है। टीम को ग्रुप बी में रखा गया है, जहां उसका मुकाबला 26 मार्च को पाकिस्तान और 28 मार्च को बांग्लादेश से होगा। दोनों मैच नेशनल स्टेडियम में भारतीय समयानुसार शाम 4:15 बजे खेले जाएंगे। ग्रुप ए में मेजबान मालदीव के अलावा श्रीलंका, नेपाल और भूटान की टीमें शामिल हैं। ग्रुप चरण के बाद शीर्ष दो टीमें 1 अप्रैल को सेमीफाइनल में पहुंचेंगी, जबकि फाइनल मुकाबला 3 अप्रैल को खेला जाएगा।

 

मुख्य कोच महेश गावली, जो भारतीय सीनियर टीम के सहायक कोच भी हैं, ने अखिल भारतीय फुटबॉल संघ (एआईएफएफ) को दिये साक्षात्कार में कहा कि उनका लक्ष्य जूनियर और सीनियर टीम के बीच निरंतरता बनाए रखना है। उन्होंने बताया कि अंडर-20 स्तर पर ही खिलाड़ियों को पेशेवर मानकों और टीम की खेल शैली से परिचित कराना जरूरी है, ताकि वे आगे के स्तर पर आसानी से खुद को ढाल सकें।

 

गावली के अनुसार, अंडर-20 टीम सीनियर टीम के भविष्य निर्माण की अहम कड़ी है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की निर्णय लेने की क्षमता, खेल की समझ और निरंतर प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे वे अंडर-23 और सीनियर टीम में प्रभावी योगदान दे सकें।

 

खेल शैली को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम सरल लेकिन प्रभावी सिद्धांतों पर काम कर रही है। खिलाड़ियों को तेज और सटीक निर्णय लेने, डिफेंस में अनुशासन बनाए रखने और ट्रांजिशन में तेजी लाने पर जोर दिया जा रहा है।

 

उनका उद्देश्य खिलाड़ियों को हाई-इंटेंसिटी फुटबॉल के लिए तैयार करना है।

 

टूर्नामेंट में टीम से अपेक्षाओं पर गावली ने कहा कि प्रतिभा के साथ-साथ दबाव में प्रदर्शन करना अहम होता है। उन्होंने खिलाड़ियों से आत्मविश्वास के साथ खेलने, जिम्मेदारी लेने और निरंतरता बनाए रखने की अपील की।

 

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रतिस्पर्धी मुकाबले खिलाड़ियों के वास्तविक मूल्यांकन का सबसे बेहतर माध्यम होते हैं, जहां उनकी तकनीकी क्षमता, मानसिक मजबूती और रणनीतिक समझ का सही आकलन हो पाता है।

 

गावली ने खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि वे सकारात्मक रहें, आत्मविश्वास बनाए रखें और टीम भावना के साथ खेलें। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी यहां तक अपनी मेहनत से पहुंचे हैं और अब उन्हें हर मैच से सीखते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

 

गावली के नेतृत्व में भारतीय अंडर-20 टीम इस टूर्नामेंट को सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भविष्य की मजबूत नींव रखने के अवसर के रूप में देख रही है।

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