परिसीमन का मुद्दा गंभीर, महिला आरक्षण की आड़ में सरकार कर रही जल्दबाजी : कांग्रेस

नई दिल्ली : कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की शुक्रवार को बैठक हुई। इसका उद्देश्य संसद के आगामी तीन दिवसीय अधिवेशन के लिए पार्टी की रणनीति बनाना था। बैठक में पश्चिम एशिया के हालात को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया। पार्टी ने विधायिका में महिलाओं के आरक्षण के साथ होने जा रहे परिसीमन को गंभीर मुद्दा बताते हुए सर्वसम्मिति बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र की राजग सरकार राजनीति से प्रेरित होकर विधानसभा चुनावों के बीच में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक लाने जा रही है।

 

सीडब्ल्यूसी की बैठक आज पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में हुई। इसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य सदस्य शामिल हुए। पत्रकार वार्ता में पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस कार्य समिति की बैठक करीब 3 घंटे चली। बैठक में संसद का विशेष सत्र और पश्चिम एशिया से जुड़ा संघर्ष दो मुद्दे थे। बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया है।

 

उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे ने 16 से 30 मार्च के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को तीन पत्र लिखे। इनमें से एक पत्र विपक्षी पार्टियों के फ्लोर लीडर्स के साथ लिखा गया था। हमारी मांग थी कि पश्चिम बंगाल के चुनाव के बाद एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए और इसमें संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा हो और विपक्ष को सरकार की मंशा बताई जाए। इस मुद्दे पर आम सहमति बनने का प्रयास किया जाए।

 

समिति की बैठक में खरगे ने अपने शुरुआती वक्तव्य में सरकार के फैसले पर गंभीर पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीति से प्रेरित होकर सरकार तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल चुनावों से पहले जल्द से जल्द संविधान संशोधन विधेयक पारित करना चाहती है। विपक्ष की मांगों को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। हम चाहते थे कि सरकार 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में चुनाव के लिए मतदान के आखिरी दिन के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस पर गंभीरता से चर्चा करे।

 

उन्होंने कहा कि विपक्ष को अभी तक सरकार की मंशा का पता नहीं है। विधायकों और प्रस्तावों पर कोई विशेष जानकारी नहीं है। सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार मोदी सरकार लोकसभा की सीटों को 543 से 816 करने जा रही है, यानी 50 प्रतिशत बढ़ोतरी करने जा रही है। इसके परिसीमन पर गंभीर परिणाम होंगे और इस पर बहुत गहरे विचार-विमर्श की जरूरत है।

 

खरगे ने महिला आरक्षण को लेकर संसद की बैठक को चुनाव आचार संहिता का भी उल्लंघन बताया और कहा कि आयोग से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है कि वह इस विषय पर ध्यान देगा। उन्होंने कहा कि चुनावों के बीच बैठक से तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में लगे अधिकांश सांसद अपने क्षेत्र में व्यस्त होंगे।

 

कांग्रेस अध्यक्ष ने साथ ही इस बात को दोहराया कि कांग्रेस सामाजिक न्याय की पक्षधर है। महिलाओं को पंचायत और निकायों में अधिकार दिलाने वाली कांग्रेस ही थी।

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