लखनऊ: लखनऊ के एक होटल में शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए पीड़ित व्यापारियों ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि फैशन टीवी के नाम पर पूरे देश में 200 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी की गई है और यह घोटाला 500 करोड़ रुपये से भी अधिक का है। इस दौरान लखनऊ के कारोबारी मनोज अग्रवाल, दिल्ली से विकास बंसल और मुंबई से राजेश तलवानी समेत कई लोगों ने अपनी आपबीती साझा की। लखनऊ के कारोबारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि यह एक सुनियोजित और लंबे समय से चल रहा बड़ा आर्थिक अपराध है। उन्होंने बताया कि कंपनी के लोग एक साल में 80 फीसदी तक मुनाफा देने का लालच देते थे और सोशल मीडिया के जरिए इसका बड़े पैमाने पर प्रचार किया जाता था। लोगों को भरोसा दिलाया जाता था कि उनका पैसा तेजी से बढ़ेगा, लेकिन असल में यह एक जाल था।
दिल्ली से आए विकास बंसल ने कहा कि इस घोटाले ने सैकड़ों परिवारों को बर्बाद कर दिया है। कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी लगा दी, तो कई ने कर्ज लेकर निवेश किया। आज स्थिति यह है कि लोग कर्ज में डूबे हैं और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग अब भी मुख्य आरोपी काशिफ खान को बचाने में लगे हुए हैं और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। प्रेस वार्ता में मौजूद व्यापारियों ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में कुछ लोग पुलिस के साथ मिलकर भी इसे दबाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में पीड़ितों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग करने की बात कही।
छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों को बनाया गया निशाना
मुंबई से आए कारोबारी राजेश तलवानी ने भावुक होते हुए बताया कि वह पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि करीब 12 साल पहले उनसे 3 करोड़ रुपये लिए गए थे, जो अब बढ़कर लगभग 30 करोड़ रुपये के बराबर हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उनके परिवार में किसी की तबीयत खराब हुई और उन्होंने अपना पैसा वापस मांगा, तो उन्हें ब्लॉक कर दिया गया। आज उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। राजेश तलवानी ने बताया कि उनसे करीब 12 साल पहले 3 करोड़ रुपये लिए गए थे। समय के साथ यह रकम बढ़कर लगभग 30 करोड़ रुपये के बराबर हो गई, लेकिन उन्हें आज तक कोई पैसा वापस नहीं मिला।
पीड़ितों ने बताया कि यह घोटाला 12 से 14 वर्षों से चल रहा था, जिसमें छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों को निशाना बनाया गया। शुरुआत में बड़े पदों का झांसा देकर विश्वास जीता जाता था और फिर फर्जी दस्तावेजों के जरिए मोटी रकम वसूली जाती थी। विरोध करने पर दबाव बनाया जाता था। यह भी कहा गया कि काशिफ खान पर ड्रग्स से लेकर सेक्स रैकेट तक चलाने जैसे गंभीर आरोप भी लगे हुए हैं, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है। पीड़ितों ने आशंका जताई कि यदि आरोपी को जमानत मिलती है तो वह देश छोड़कर भाग सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आरोपी पर सख्त कार्रवाई की जाए, उसका पासपोर्ट जब्त किया जाए और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
मशहूर हस्तियों से जुड़ाव पर भी उठे सवाल
प्रेस वार्ता में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा सामने आया। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी द्वारा अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के साथ मिलकर एक कंपनी बनाई गई थी। उनका कहना है कि वर्ष 2014 के आसपास इस तरह के जुड़ाव का इस्तेमाल लोगों को भरोसे में लेने और उन्हें निवेश के लिए प्रेरित करने में किया गया। पीड़ित कारोबारियों ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में इनकी भूमिका भी संदेह के घेरे में है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि बड़े नामों के जुड़ने से आम लोगों का भरोसा और बढ़ा, जिसका फायदा उठाकर उन्हें ठगी का शिकार बनाया गया। व्यापारियों ने मांग की कि इस पहलू की भी गहराई से जांच हो और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।
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