राज्यों का नहीं घटेगा प्रतिनिधित्व,परिसीमन भी पहले जैसी प्रक्रिया से होगाः अमित शाह

नई दिल्ली : गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि लोकसभा में सदस्यों की संख्या में वृद्धि से राष्ट्रीय स्तर पर राज्यों का प्रतिनित्व प्रतिशत पहले के भांति बना रहेगा। वहीं, सरकार पिछली बार देश में हुई परिसीमन की प्रक्रिया को ही दोहराएगी। इससे जुड़ा विधेयक कांग्रेस के परिसीमन अधिनियम जैसा ही है।

 

गृहमंत्री अमित शाह ने सरकार की ओर से लाए गए तीन विधायकों से जुड़ी भ्रांतियां को दूर करने के लिए लोकसभा में आज चर्चा का संक्षिप्त जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह विषय पर विस्तार से अपनी बातचीत कल रखेंगे लेकिन इस मुद्दे पर वे आज कुछ बातों को स्पष्ट कर देना चाहते हैं।

 

उनसे पहले कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी ने चर्चा में भाग लेते हुए सरकार पर कई तरह के आरोप लगाए। इसके ठीक बाद गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि `आज रात भी इस पूरे विषय पर कोई भ्रांति ना हो इस उद्देश्य से वह संक्षिप्त रूप से अपनी बातचीत रखना चाहते हैं।’

 

अमित शाह ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए वर्तमान सीटों में 50 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। 543 में 50 प्रतिशत सीटें जोड़ने से आंकड़ा 816 होता है और 850 असल में राउंडअप फिगर है। वर्तमान में भी 543 पूर्ण आंकड़ा नहीं है।

 

उन्होंने कहा कि परिसीमन और सीटों में बढ़ोत्तरी के बाद दक्षिण भारत के राज्यों के वर्तमान राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व प्रतिशत में बदलाव नहीं होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 होगी और उनका राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व प्रतिशत 7.18 से बढ़कर 7.23 हो जाएगा। इसी तरह से दक्षिण भारत के सभी पांच राज्यों की वर्तमान में 129 लोकसभा सीटें हैं और प्रतिनिधित्व 23.76 प्रतिशत है। यह बढ़कर 195 हो जाएंगी और प्रतिनिधित्व 23.97 प्रतिशत हो जाएगा।

 

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि `सरकार पर आरोप लगाया जा रहा है कि जातिगत जनगणना नहीं हो रही है। वह बताना चाहते हैं कि सरकार ने पहले ही जातिगत जनगणना कराने का निर्णय ले लिया है। वर्तमान में घरों की गिनती की जा रही है और इस कारण इससे जुड़े फॉर्म में जाति का उल्लेख नहीं है।’

 

उन्होंने कहा कि विपक्ष परिसीमन को लेकर आरोप लगा रहा है और कह रहा है कि अपने लोगों को सरकार इससे जुड़े आयोग में बिठा देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि `कांग्रेस के कार्यकाल में बने परिसीमन आयोग से जुड़े अधिनियम को ही सरकार ने वर्तमान में दोहराया है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। वह बस इतना आश्वासन देना चाहते हैं कि अगर उस समय कांग्रेस ने अपना हित साधा होगा तो वर्तमान सरकार ऐसा नहीं करेगी।’

 

विपक्ष की ओर से लगातार जनमत को बदलने के प्रयासों के जुड़े आरोपों का अमित शाह ने सिरे से खारिज किया और कहा कि `देश की इतनी बढ़ी आबादी के मत को अपने अनुसार नहीं ढाला जा सकता। अगर ऐसा होता तो हम कभी भी जीतकर नहीं आते। आपातकाल में ऐसी कोशिश की गई लेकिन जनता ने उन्हें खत्म कर दिया। देश में लोकतंत्र खत्म नहीं हुआ।’

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com